करवा चौथ विवाहित महिलाओं द्वारा रखा जाने वाला एक महत्वपूर्ण व्रत है. हिंदू पंचांग के अनुसार, करवा चौथ का व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है. करवा चौथ को कर्क चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है. करवा चौथ का यह व्रत महिलाएं अपने पतियों की लंबी उम्र और उनकी कामना के लिए रखती हैं. इस बार करवा चौथ का व्रत 20 अक्टूबर यानी आज रखा जा रहा है.
करवा चौथ के दिन विधिवत पूजा के बाद महिलाएं रात को चंद्रमा के दर्शन करने के बाद ही भोजन ग्रहण करती हैं. करवा चौथ का व्रत कठिन होता है और इसे अन्न और जल ग्रहण किए बिना ही सूर्योदय से रात में चन्द्रमा के दर्शन तक किया जाता है. चलिए जानते है आज कहां कितने बजे निकलेगा चांद.
दिल्ली- रात 7 बजकर 53 मिनट
- मुंबई- रात 8 बजकर 36 मिनट
- कोलकाता- रात 7 बजकर 22 मिनट
- बेंगलुरु- रात 8 बजकर 30 मिनट
- चेन्नई- रात 8 बजकर 18 मिनट
- लखनऊ- रात 7 बजकर 42 मिनट
- जयपुर- रात 7 बजकर 54 मिनट
- पुणे- रात 8 बजकर 56 मिनट
- गुरुग्राम- रात 7 बजकर 55 मिनट
- नोएडा- रात 7 बजकर 52 मिनट
- गांधीनगर- रात 8 बजकर 28 मिनट
- भोपाल- रात 8 बजकर 07 मिनट
- पटना- रात 7 बजकर 29 मिनट
- रांची- रात 7 बजकर 35 मिनट
- रायपुर- रात 7 बजकर 43 मिनट
- भुवनेश्वर- रात 7 बजकर 40 मिनट
- चंडीगढ़- रात 7 बजकर 48 मिनट
- जम्मू- रात 7 बजकर 52 मिनट
- शिमला- रात 7 बजकर 45 मिनट
- देहरादून- रात 7 बजकर 24 मिनट
- मदूरई- रात 8 बजकर 36 मिनट
- गंगटोक- रात 8 बजकर 40 मिनट
- ईटानगर- शाम 6 बजकर 50 मिनट
- दिसपुर- रात 8 बजकर 24 मिनट
- कोहिमा- रात 8 बजकर 13 मिनट
- इंफाल- शाम 6 बजकर 55 मिनट
- शिलोंग- शाम 7 बजकर 02 मिनट
- पणजी- रात 8 बजकर 39 मिनट
- हैदराबाद- रात 7 बजकर 43 मिनट
- श्रीनगर- रात 7 बजकर 48 मिनट
- पुडुचेरी- रात 8 बजकर 24 मिनट
करवा चौथ शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, करवा चौथ का व्रत कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है. इस बार चतुर्थी तिथि की शुरुआत 20 अक्टूबर यानी आज सुबह 6 बजकर 46 मिनट पर होगी और तिथि का समापन 21 अक्टूबर यानी कल सुबह 4 बजकर 16 मिनट पर होगा.
वहीं, करवा चौथ के लिए दो पूजन मुहूर्त मिलेंगे- पहला अभिजीत मुहूर्त आज सुबह 11 बजकर 43 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 28 मिनट तक रहेगा और फिर, दोपहर 1 बजकर 59 मिनट से लेकर 2 बजकर 45 मिनट तक विजय मुहूर्त रहेगा.
करवा चौथ चंद्रोदय का समय
करवा चौथ पर चंद्रोदय का समय आज शाम 7 बजकर 54 मिनट बताया जा रहा है.
करवा चौथ पूजन विधि
करवा चौथ का व्रत सूर्योदय से शुरू हो जाता है और फिर पूरे दिन निर्जला उपवास रखा जाता है. पूजा के लिए सोलह श्रृंगार करके तैयार हों जाए और दीवार पर करवा माता का चित्र बनाएं या बाजार से बना बनाया खरीद कर लगाएं. फिर, चावल के आटे में हल्दी मिलाकर जमीन पर चित्र बनाएं. जमीन में बने इस चित्र के ऊपर करवा रखें और इसके ऊपर घी का जलता हुआ दीपक रखें. करवा में आप 21 या 11 सींकें लगाएं और करवा के भीतर खील बताशे , साबुत अनाज इनमें से कुछ भी डालें. इसके बाद भोग के लिए आटे की बनी पूड़ियां, मीठा हलवा, खीर आदि रखें. फिर, करवा के साथ आप सुहाग की सामग्री भी अवश्य चढ़ाएं. यदि आप सुहाग की सामग्री चढ़ा रही हैं तो सोलह श्रृंगार चढ़ाएं. करवा के पूजन के साथ एक लोटे में जल भी रखें इससे चंद्रमा को जल दिया जाता है. पूजा करते समय करवा चौथ की व्रत कथा जरूर सुने. चांद निकलने के बाद छलनी से पति को देखें फिर चांद के दर्शन करें. चन्द्रमा को जल से अर्घ्य दें और पति की लंबी उम्र की कामना करें.
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