प्रयागराज में 13 जनवरी से महाकुंभ का आयोजन होने जा रहा है। ये 45 दिनों तक चलेगा। 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के शाही स्नान के साथ इस महाकुंभ की समाप्ती हो जाएगी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आजाद भारत में पहले कुंभ का आयोजन कहां और किस साल में किया गया था।
प्रयागराज में लगा था मेला
दरअसल, आजादी से पहले भी अंग्रेजी सरकार की ओर से कुंभ, अर्धकुम्भ और माघ मेला आयोजित किया जाता था। इस दौरान इंग्लैंड से ऑफिसर आते थे, जो मेले का प्रबंधन देखते थे। वहीं आजाद भारत में पहले कुंभ के आयोजन की बात करें तो ये मेला प्रयागराज में लगा था। आजाद भारत का पहला कुंभ प्रयागराज में साल 1954 में लगा था।
पीएम जवाहर लाल नेहरू ने किया था स्नान
इस कुंभ में देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद भी शामिल हुए थे। प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने मौनी अमावस्या के दिन संगम के तट पर स्नान किया था। इसी दौरान एक हाथी के कंट्रोल से बाहर होने के बाद हादसा हुआ था। बताया जाता है कि इसमें 500 लोगों की जान गई थी। तभी से कुंभ में हाथी के आने पर रोक लगा दी गई थी।
ऐसी थी कुंभ की व्यवस्था
इस कुंभ की तैयारियों का जायजा उस समय के यूपी के सीएम गोविंद बल्लभ पंत ने नाव पर और पैदल चलकर लिया था। बताया जाता है कि इस कुंभ में श्रद्धालुओं के इलाज के लिए संगम किनारे सात अस्थाई अस्पताल बनवाए गए थे। भूले भटकों को मिलाने और भीड़ को सूचना देने के लिए लाउडस्पीकर्स भी थे। साथ ही रौशनी की खातीर कुंभ में 1000 स्ट्रीट लाइटें भी लगवाई गई थीं। मेले में किसी तरह का संक्रमण न फैले इसके लिए लगभग 250 मन कीटनाशक का छिड़काव कराया गया था।
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