पटना: बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग आगे बढ़ रही है। अब इसे लेकर बुधवार को हुई मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कैबिनेट बैठक में एक प्रस्ताव भी पारित कर दिया गया है। बता दें कि बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस संबंध में अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट के माध्यम से कैबिनेट से प्रस्ताव पारित होने की जानकारी दी। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि आज कैबिनेट की बैठक में बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध करने का प्रस्ताव पारित किया गया है। सीएम ने लिखा कि मेरा अनुरोध है कि बिहार के लोगों के हित को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार बिहार को शीघ्र विशेष राज्य का दर्जा दे।
कैबिनेट में कुल 40 प्रस्ताव हुए स्वीकृत
- बुधवार को हुई नीतीश कैबिनेट की बैठक में कुल 40 प्रस्ताव स्वीकृत किए गए हैं।
- इसके अलावा बिहार में लागू हुए आरक्षण बिल को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजने का प्रस्ताव भी स्वीकृत हुआ है। बता दें कि नौवीं अनुसूची में शामिल होने पर आरक्षण नीति को कोर्ट में चैलेंज नहीं की जा सकेगा।
- कैबिनेट ने दो अन्य प्रस्ताव भी स्वीकृत किए हैं। पहले एजेंडे में सीएम नीतीश कुमार को बिहार में एससीएसटी, ईबीसी और ओबीसी के लोगों को 15 फीसदी आरक्षण बढ़ाने को लेकर धन्यवाद दिया गया।
- दूसरे एजेंडे में बिहार को स्पेशल स्टेटस देने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया।
अपर मुख्य सचिव ने दी जानकारी
कैबिनेट बैठक के बाद बिहार के अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ ने मीडिया को लिए गए फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भूमिहीनों को जमीन और बेघर परिवारों को घर देने के लिए 2.5 लाख करोड़ रुपये खर्च करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी रकम के लिए यह जरूरी है कि राज्य को विशेष राज्य का दर्जा मिले। उन्होंने कहा कि ऐसा होने से यह काम तेजी से हो पाएगा। 2010 से केंद्र सरकार को बार-बार अनुरोध भेजा गया है। उन्होंने कहा कि अब तक केंद्र सरकार ने इस पर कोई निर्णय नहीं लिया है। कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने के लिए केंद्र सरकार से दोबारा अनुरोध किया जाएगा।