Mission Amrit Sarovar: 'आजादी के अमृत महोत्सव' के क्रम में स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में प्रधानमंत्री ने 24 अप्रैल, 2022 को मिशन अमृत सरोवर का शुभारंभ किया था। जिसका लक्ष्य था देशभर के हर जिले में कम से कम 75 अमृत सरोवरों का निर्माण किया जाए। 15 अगस्त, 2023 तक 50 हजार अमृत सरोवरों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। ग्यारह महीने की अवधि में, अब तक, 40 हजार से अधिक अमृत सरोवरों का निर्माण किया जा चुका है। यह लक्ष्य के 80 प्रतिशत हिस्से के बराबर है।
A target of construction of 50,000 #Amrit_Sarovars was set to be completed by 15th August, 2023. Within a short span of 11 months, so far, more than 40,000 Amrit Sarovars have been constructed, which constitutes 80% of the total target. pic.twitter.com/u5Ob8BVTpc
— Mahatma Gandhi NREGA GOI (@MgnregaGoi) March 30, 2023
अमृत सरोवर ग्रामीण आजीविका में कर रहा बढ़ोतरी
अहम बात यह है कि मिशन अमृत सरोवर (Mission Amrit Sarovar) ग्रामीण आजीविका में बढ़ोतरी कर रहा है। पूर्ण सरोवरों को सिंचाई, मत्स्य पालन, बतख पालन, सिंघाड़े की खेती और पशुपालन जैसी विभिन्न गतिविधियों के लिए चिह्नित किया गया है। आज की तारीख में 66 प्रतिशत उपयोगकर्ता-समूह कृषि में, 21 प्रतिशत मत्स्य पालन, छह प्रतिशत सिंघाड़े और कमल की खेती में और सात प्रतिशत समूह पशुपालन में संलग्न हैं। इन गतिविधियों को विभिन्न उपयोगकर्ता-समूह चला रहे हैं, जिनमें से प्रत्येक किसी न किसी अमृत सरोवर से जुड़ा है।
जल संकट की समस्या होगी खत्म
ग्रामीण इलाकों में पानी के संकट को खत्म करने के उद्देश्य से पीएम मोदी ने पिछले वर्ष 24 अप्रैल को मिशन अमृत सरोवर की शुरुआत देश के हर जिले में कम से कम 75 अमृत सरोवर के निर्माण के उद्देश्य से की थी। जाहिर है यदि देश में 75 अमृत सरोवर का निर्माण होगा तो भू-जल बढ़ाने में अच्छी खासी मदद मिलेगी। ऐसे में पीएम मोदी द्वारा लिया गया यह संकल्प पूरा होता है तो पूरे देश में जल संकट की बड़ी समस्या का समाधान होगा और हमारी आने वाली पीढ़ियों का जीवन भी सुरक्षित हो जाएगा। वहीं देश में सूखा ग्रस्त इलाकों की पानी की समस्या का समाधान हो जाएगा।
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