पाकिस्तान की बॉर्डर से मात्र 200 किलोमीटर दूर राजस्थान के बीकानेर शहर में भारतीय वायुसेना का प्रमुख बेस नर एयरबेस है। भारतीय वायुसेना ने कहा है कि वह तेजस एमके एमके-1ए फाइटर जेट के पहले स्क्वॉड्रन को इसी एयरबेस पर तैनात करेगा। भारत को परमाणु हमले की गीदड़ भभकी देने वाले पाकिसतान और उसकी सेना को जंग में मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारत ने पूरी तरह स्वदेशी 'तेजस' फाइटर जेट को भारत पाक सीमा के पास तैनात करने का फैसला किया है। भारत के इस कदम से पाकिस्तान की टेंशन बढ़ने वाली है। तेजस की गर्जना से पाकिस्तान थर्रा उठेगा।
पुराने मिग 21 की जगह लेंगे तेजस फाइटर जेट
भारत राजस्थानन के बीकानेर में तेजस फाइटर जेट की पहली स्वा/े वड्रन तैनात करने जा रहा है। तेजस मार्क 1ए फाइटर जेट की पहली स्वाफाइटड्रन को नाल एयरबेस पर तैनात किया जाएगा जो पाकिस्ता्न की सीमा से सटा हुआ है। इसी के पास पाकिस्ताकन का बहावलपुर सैन्या अड्डा है। सबसे पहले तेजस मार्क 1ए विमान साल 2024 के शुरुआती महीने में मिलने जा रहे हैं। ये ब्रांड न्यू विमान मिग 21 की जगह लेंगे जो अब पुराने पड़ चुके हैं।
चीन के साथ मिलकर नापाक साजिश रचता रहा हैं पाकिस्तान
भारत ने अपने पहले स्वलदेशी विमान को पाकिस्ताजनी वायुसेना से निपटने के लिए तैनात करने का फैसला यूं ही नहीं लिया है। पाकिस्ताानी सेना चीन के साथ मिलकर नापाक साजिशें रच रही है और उसने चीन से कई नए फाइटर जेट खरीदे हैं। ऐसे में पाकिस्तान को मंहतोड़ जवाब देने के लिए भारत अब पूरी तरह स्वदेशी 'तेजस' विमान की तैनाती करने जा रहा है। भारत ने करीब 40 साल की मेहनत के बाद तेजस फाइटर जेट को तैयार किया है।
40 साल की कड़ी मेहनत के बाद तैयारी हुआ स्वदेशी 'तेजस' फाइटर जेट
तेजस के पुराने संस्ककरण की कम से कम दो स्वाय ड्रन पहले ही सेना में शामिल हो चुकी है। इन्हेंे हाल ही में उत्त री और पश्चिमी सीमा पर तैनात किया जा चुका है। नए तेजस मार्क 1ए विमान पुराने के मुकाबले कहीं ज्याीदा ताकतवर हैं और घातक मिसाइलों से लैस हैं। ये विमान पाकिस्तारन में कहीं भी तबाही मचाने की क्षमता से लैस हैं। पाकिस्ता न आतंकियों को भारत की सीमा के अंदर भेजने के साथ तुर्की के ड्रोन की मदद से हथियार और ड्रग्सक भी भारतीय सीमा में भेज रहा है।
तेजस Mk-1A फाइटर जेट की खासियत
• तेजस एमके-1ए फाइटर जेट 43.4 फीट लंबा है। इसकी ऊंचाई 14.5 फीट है।
• तेजस एमके-1ए फाइटर जेट में 2458 किलोग्राम फ्यूल आता है।
• इसकी अधिकतम स्पीड 1980 किलोमीटर प्रतिघंटा है। यानी ध्वनि की गति से डेढ़ गुना ज्यादा।
• अधिकतम 53 हजार किमी की ऊंचाई तक जा सकता है। ग्लास कॉकपिट होने से पायलट को चारों देखने में आसानी होती है।
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