Rajasthan Diwas 2023: राजस्थान दिवस देश में हर साल 30 मार्च के दिन मनाया जाता है। राजस्थान दिवस को राजस्थान का स्थापना दिवस भी कहा जाता है। आज के दिन राजस्थान अपना 74वां स्थापना दिवस मनाएगा। इस दिन राजस्थान में कई कार्यक्रम धूमधाम से आयोजित किए जाते हैं। इस शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और अन्य अधिकारियों ने राज्य के लोगों को बधाई दी।
पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं (Rajasthan Diwas 2023)
पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा कि राजस्थान दिवस पर राज्य के सभी भाई- बहनों को मेरी ओर से ढेरों शुभकामनाएं। इस अवसर पर मैं गौरवशाली विरासत से समृद्ध इस प्रदेश के चौतरफा विकास की कामना करता हूं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी राज्य के लोगों को बधाई दी। उन्होंने बधाई देते हुए ट्वीट किया राजस्थान दिवस पर सभी देशवासियों, विशेषकर राज्य के लोगों को मेरी बधाई। संस्कृति, अतिथि सत्कार, पराक्रम, उद्यम और पर्यटन स्थल राजस्थान की पहचान है। ऐसी विशेषताओं के बल पर राज्य के निवासी स्वर्णिम भविष्य का निर्माण करेंगे और देश के विकास में अमूल्य योगदान देंगे, यह मेरा विश्वास है।
राजस्थान दिवस पर राज्य के सभी भाई-बहनों को मेरी ओर से ढेरों शुभकामनाएं। इस अवसर पर मैं गौरवशाली विरासत से समृद्ध इस प्रदेश के चौतरफा विकास की कामना करता हूं।
— Narendra Modi (@narendramodi) March 30, 2023
राजस्थान दिवस पर सभी देशवासियों, विशेषकर राज्य के लोगों को मेरी बधाई। संस्कृति, अतिथि सत्कार, पराक्रम, उद्यम और पर्यटन स्थल राजस्थान की पहचान है। ऐसी विशेषताओं के बल पर राज्य के निवासी स्वर्णिम भविष्य का निर्माण करेंगे और देश के विकास में अमूल्य योगदान देंगे, यह मेरा विश्वास है।
— President of India (@rashtrapatibhvn) March 30, 2023
आयोजित होगा लाभार्थी उत्सव
राजस्थान दिवस के मौके पर लाभार्थी उत्सव मनाया (Rajasthan Diwas 2023) जा रहा है। इस पर राजस्थान के सीएम ने एक ट्वीट में कहा की, "जन सम्मान, जय राजस्थान! गौरवमयी राजस्थान दिवस के शुभ अवसर पर जन-जन की बचत, राहत, बढ़त की गारंटी करने वाली व प्रदेश को तरक्की की नई राह पर बढ़ाने वाली विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों के सम्मान हेतु लाभार्थी उत्सव आयोजित किया जा रहा है। आप सभी सादर आमंत्रित हैं।"
राजस्थान के नामकरण के पीछे का कारण
अलग-अलग प्रदेशों के गठन और नामकरण के पीछे कोई न कोई कहानी जरूर होती है। राजस्थान के नामकरण के पीछे भी एक बड़ा कारण है। आजादी से पहले यहां अलग-अलग रियासतें थी, जिनमें अलग-अलग राजा शासन करते थे। राजपरिवार में परम्पराएं होती थी कि उनका शासन वंशानुगत चलता था। आजादी के बाद जब देश में लोकतंत्र लागू हुआ तो राजाओं का शासन चला गया और शासन जनता के जरिए तय किया जाने लगा। चूंकि यह स्थान पहले राजाओं का स्थान रहा है। इसी कारण इस प्रदेश का नाम भी राजस्थान रख दिया गया।
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