महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के शेगांव तहसील में एक रहस्यमयी बीमारी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। इस बीमारी की वजह से लोगों के बाल झड़ने शुरू हो गए हैं। आलम यह है कि, इस बीमारी से 11 गांवों के लोग पीड़ित हैं। मिला जानकारी के अनुसार, शुरुआत में 3 गांव के लोगों के बाल अचानक झड़ने की घटना सामने आई। बाद में ये बीमारी धीरे-धीरे बढ़ती गई और अब 11 गांवों के लोग इससे पीड़ित हैं।
11 गांवों में अब तक 127 मरीज सामने आ चुके
हालांकि ये कौन सी बीमारी है इसका अभी तक पता नहीं चल सका है। आपको बता दें कि, इन 11 गांवों में अब तक 127 मरीज सामने आ चुके हैं, जिनके बाल झड़ने लगे हैं। वहीं अब इस बीमारी को लेकर नागरिकों में चिंता और डर का माहौल दिखाई दे रहा है। बता दें कि, इसका असर सिर्फ पुरुषों ही नहीं बल्कि महिलाओं और बच्चों में भी देखने को मिल रहा है।
6-7 दिन में झड़ जाते हैं पूरे बाल
वहीं गांव के सरपंच ने बताया कि, एक बार बार झड़ना शुरू हुए तो फिर 6-7 दिन के अंदर सिर के पूरे बाल झड़ जाते हैं। इस बीमारी की वजह से लोग पूरी तरह से टकले हो जा रहे हैं। उन्होंने आगे बताया है कि, शुरुआत में बोंडगाव, कालवाड़ और हिंगणा गांवों में इस बीमारी के मामले सामने आए। ये गांव शेगाव तहसील में आते हैं।
स्वास्थ्य विभाग कर रही जांच
वहीं बुलढाणा जिले का स्वास्थ्य विभाग इस बारे में जांच करने के लिए गांव में पहुंचा है और मरीजों की जांच की जा रही है। वहीं गांव के एक युवक ने बताया कि, उसके बाल पिछले 10 दिनों से झड़ रहे हैं। युवक ने आगे बताया कि, उसकी दाढ़ी के बाल भी झड रहे हैं। आपको बता दें कि, इस रहस्यमयी बीमारी के डर से बहुत से लोगों ने अपने पूरे बाल कटवा लिए हैं।
जांच के लिए भेजे गए सैंपल
वहीं स्किन स्पेशलिस्ट डॉक्टर ने बताया कि, हमने पानी के सैंपल भी जांच के लिए भेजे हैं। मरीजों के सिर के हिस्से की बायोप्सी भी करवाएंगे, जिससे बीमारी का पता चलेगा। डॉक्टर ने बताया कि, अंदाजा है कि, यह फंगल इंफेक्शन है, लेकिन गांव में डर है कि, फंगल इंफेक्शन है या फिर टक्कल वायरस इसका अभी तक पता नहीं चल पाया है।
पानी के सैंपल की जांच होगी
इस घटना सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में आकर बाल झड़ने वाले मरीजों की जांच कर रही है। उनके ब्लड संपल भी लिए गए और पानी के सैंपल भी लिए गए। अभी तक पानी के सैंपल की जांच रिपोर्ट में नाइट्रेट की मात्रा बढ़े होने की बात सामने आई है। हालांकि माना जा रहा है कि, इसके पीछे और भी कोई वजह हो सकती है।
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