सुप्रीम कोर्ट आज CAA से जुड़ी कई याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। इन याचिकाओं में इस कानून को लागू करने के केंद्र सरकार के फैसले पर तब तक रोक लगाने की मांग की गई है जब तक कि सुप्रीम कोर्ट नागरिकता (संशोधन) की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर फैसला नहीं कर लेती।
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने शुक्रवार को इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल की दलीलों पर ध्यान दिया कि एक बार प्रवासी हिंदुओं को भारतीय नागरिकता प्रदान कर दी गई है, तो उसे वापस नहीं लिया जा सकता, इसलिए इस पर जल्द से जल्द सुनवाई जरूरी है।
सुप्रीम कोर्ट आज CAA से जुड़ी कई याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। इन याचिकाओं में इस कानून को लागू करने के केंद्र सरकार के फैसले पर तब तक रोक लगाने की मांग की गई है जब तक कि सुप्रीम कोर्ट नागरिकता (संशोधन) की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर फैसला नहीं कर लेती।
Comments (0)