पीएम मोदी 28 मई 2023 को देश को नई संसद समर्पित करेंगे। इसको लेकर लगभग सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। वहीं इसे लेकर अब राजनीति भी खूब देखने को मिल रही हैं। इसी बीच कांग्रेस सहित 19 विपक्षी पार्टियों ने पीएम मोदी के हाथों नई संसद का उद्घाटन को लेकर बॉयकाट का ऐलान किया है। विपक्ष की मांग की है कि, नई संसद भवन की नई बिल्डिंग का उद्घाटन महामहिम राष्ट्रपति को करना चाहिए।
संसद भवन के उद्घाटन का विरोध ठीक नहीं है/h3>
जहां एक ओर विपक्ष इसे लेकर विरोध कर रहा हैं तो वहीं कांग्रेस नेता ने इसका समर्थन किया हैं। नई संसद भवन के उद्घाटन को लेकर कांग्रेस में दो फाड़ नजर आ रही है। एक तरफ कांग्रेस उन 19 पार्टियों में शामिल है जो पीएम मोदी के हाथों से नई संसद के उद्घाटन का विरोध कर रही है तो दूसरी तरफ कांग्रेस के सीनियर नेता और हर बात को बेवाकी से कहने वाले आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि, संसद भवन के उद्घाटन का विरोध ठीक नहीं है।
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जहां एक ओर विपक्ष इसे लेकर विरोध कर रहा हैं तो वहीं कांग्रेस नेता ने इसका समर्थन किया हैं। नई संसद भवन के उद्घाटन को लेकर कांग्रेस में दो फाड़ नजर आ रही है। एक तरफ कांग्रेस उन 19 पार्टियों में शामिल है जो पीएम मोदी के हाथों से नई संसद के उद्घाटन का विरोध कर रही है तो दूसरी तरफ कांग्रेस के सीनियर नेता और हर बात को बेवाकी से कहने वाले आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि, संसद भवन के उद्घाटन का विरोध ठीक नहीं है।
19 दलों नें किया उद्घाटन समारोह का बहिष्कार/h3>
विपक्ष के 19 दलों ने बुधवार को ऐलान किया कि, वे संसद के नए भवन के उद्घाटन समारोह का सामूहिक रूप से बहिष्कार करेंगे क्योंकि इस सरकार के कार्यकाल में संसद से लोकतंत्र की आत्मा को निकाल दिया गया है और समारोह से राष्ट्रपति को दूर रखकर अशोभनीय काम किया गया है। उन्होंने एक साझा बयान में यह आरोप भी लगाया कि, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को उद्घाटन समारोह से दूर रखना और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों संसद के नए भवन का उद्घाटन करने का फैसला लोकतंत्र पर सीधा हमला है।
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