Bhutan King's India Visit: भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक 3 से 5 अप्रैल तक भारत का दौरा करेंगे। उनके साथ विदेश और विदेश व्यापार मंत्री डॉ. टांडी दोरजी और भूटान की शाही सरकार के अन्य शीर्ष अधिकारी भी शामिल होंगे। अपने भारत दौरे के दौरान वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करेंगे। यह जानकारी विदेश मंत्रालय की ओर से दी गई है।
2022 में की थी पीएम मोदी से मुलाकात
भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक (Jigme Khesar Namgyel Wangchuck) ने सितंबर 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात (Bhutan King's India Visit) की थी। इसके साथ ही वो विदेश सचिव विनय क्वात्रा से और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से भी मिले थे। इस दौरान भूटान ने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन रूपरेखा समझौते की पुष्टि की थी।
भारत-भूटान संबंधों का इतिहास (Bhutan King's India Visit)
भारत-भूटान द्विपक्षीय संबंधों का मूल ढांचा दोनों देशों के बीच 1949 में हस्ताक्षरित मैत्री और सहयोग की संधि थी। इसने दोनों देशों के बीच एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने का आह्वान है। सन् 2007 में संधि को संशोधित किया गया था। हालांकि, भूटान भारत को अपनी विदेश नीति का मार्गदर्शन करने देने के लिए सहमत हो गया था।
चीन को डोकलाम से दूर रखना चाहता है भारत
भूटान के पीएम ने बेल्जियन डेली अखबार ला लिबरे के एक इंटरव्यू में उसकी सीमा के अंदर चीन के गांवों की बसावट होने इनकार कर दिया था। डोकलाम भारत के पड़ोसी देश भूटान में आता है। ये क्षेत्र भारत को पूर्वोत्तर से जोड़ने वाले सिलीगुड़ी कॉरिडोर के पास है। इस वजह से भारत चाहता है कि चीन डोकलाम से दूर रहें।
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