नई दिल्ली. आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों को फिर से चक्रवाती तूफान का सामना करना पड़ सकता है। चक्रवात अर्नब के प्रभाव से उबरने से पहले ही नया खतरा पैदा हो गया है। दक्षिण पूर्व बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र विकसित हो रहा है। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी कर सतर्कता बरतने की सलाह दी है। तटीय राज्यों में प्रशासन को तैयार रहने निर्देश दिए गए हैं। कम समय में दो चक्रवातों का खतरा चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा कर रहा है। जनजीवन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
IMD का पूर्वानुमान
भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने शनिवार को बताया कि दक्षिण पूर्व बंगाल की खाड़ी में चक्रवात विकसित होगा और 2 नवंबर को आंध्र प्रदेश तट को पार करेगा। विभाग ने स्पष्ट किया कि सिस्टम पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में बढ़ेगा। पूर्वानुमान के अनुसार सोमवार को लैंडफॉल की संभावना है। तीव्रता और सटीक स्थान की निगरानी जारी है। नियमित बुलेटिन जारी कर जानकारी साझा की जा रही है। तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट दिया गया है।
निम्न दबाव क्षेत्र का गठन
शनिवार को दक्षिण पूर्व बंगाल की खाड़ी में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के पास अंडमान सागर में एक सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र विकसित हो गया। यह सिस्टम शनिवार शाम तक उसी क्षेत्र में अवदाब में बदलने की संभावना है। धीरे-धीरे तीव्र होकर चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। समुद्री परिस्थितियों अनुकूल होने से विकास की रफ्तार तेज हो सकती है। मौसम वैज्ञानिक लगातार निगरानी रखे हुए हैं। शुरुआती चरण में ही अलर्ट जारी कर दिया गया है।
संभावित मार्ग और लैंडफॉल
सिस्टम के पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ने की संभावना है। 2 नवंबर यानी सोमवार को लैंडफॉल का अनुमान है। सटीक स्थान और तीव्रता अभी बदल सकती है। तटीय जिलों में प्रभाव सबसे ज्यादा पड़ने की आशंका है। हवा की गति और वर्षा के वितरण पर नजर रखी जा रही है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी जा सकती है। स्थानीय प्रशासन को तैयारियों का निर्देश दिया गया है।
अर्नब के बाद दोहरी चुनौती
चक्रवात अर्नब ने आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में काफी नुकसान पहुंचाया था। उसके एक सप्ताह के भीतर नए चक्रवात का खतरा दोहरी चुनौती बन गया है। राहत और पुनर्निर्माण कार्य प्रभावित हो सकते हैं। पहले तूफान से क्षतिग्रस्त क्षेत्रों में सतर्कता और जरूरी है। प्रशासन को दोहरे दबाव का सामना करना पड़ रहा है। आपदा प्रबंधन तंत्र को फिर से सक्रिय किया जा रहा है। जनहानि से बचने के लिए पूर्व तैयारी पर जोर दिया गया है।
तैयारी और सतर्कता
आंध्र प्रदेश प्रशासन ने संभावित चक्रवात को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। तटीय क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है। राहत सामग्री और बचाव दलों को तैयार रखा गया है। मौसम विभाग के अपडेट के आधार पर निर्णय लिए जा रहे हैं। मछली पकड़ने वाले समुदायों को विशेष चेतावनी दी गई है। संचार व्यवस्था और आपात सेवाओं को सक्रिय रखा गया है। समय रहते तैयारियां पूरी करने पर बल दिया जा रहा है।