हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश में नए जिले बनाने की चर्चाओं के बीच भाजपा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा है कि नए जिले गठित करने से पहले मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्थाओं को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि केवल राजनीतिक लाभ के लिए नए जिले बनाने का कोई औचित्य नहीं है। नए जिले के गठन से पहले पर्याप्त अधिकारी, कर्मचारी, वित्तीय संसाधन और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि आम जनता को बेहतर प्रशासनिक सेवाएं मिल सकें। हमीरपुर में ‘खेलेगा हिमाचल, खिलेगा हिमाचल’ कार्यक्रम में शामिल होने के बाद उन्होंने यह बात कही।
नए जिले बनाने से पहले प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करने पर जोर
पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि किसी भी नए जिले के गठन का मुख्य उद्देश्य जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना होना चाहिए। केवल घोषणा करने से लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। इसके लिए पर्याप्त संसाधनों और मजबूत प्रशासनिक ढांचे की जरूरत है।उन्होंने कहा कि सरकार पहले भी कुछ स्थानों पर उपमंडलाधिकारी कार्यालय खोल चुकी है, लेकिन कई उपमंडलों में अब तक अधिकारियों की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं हो पाई है। ऐसे में मौजूदा व्यवस्थाओं को मजबूत किए बिना नए जिले बनाना उचित नहीं होगा।
अधिकारी, कर्मचारी और बजट की उपलब्धता जरूरी
भाजपा सांसद ने कहा कि नए जिले के गठन से पहले उसकी प्रशासनिक जरूरतों का आंकलन किया जाना चाहिए। इसके लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन, कर्मचारी, सरकारी कार्यालय और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है।उन्होंने कहा कि प्रशासनिक ढांचे का विस्तार केवल कागजों और घोषणाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए। लोगों को सरकारी सेवाएं समय पर और आसानी से मिलें, यही नए जिले बनाने का प्रमुख उद्देश्य होना चाहिए।
दिल्ली में जारी प्रदर्शन को लेकर विपक्ष पर साधा निशाना
हिमाचल प्रदेश में नए जिलों के गठन पर अपनी राय रखने के साथ ही अनुराग ठाकुर ने दिल्ली में जारी प्रदर्शन को लेकर विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना महत्वपूर्ण है, लेकिन आंदोलनों के उद्देश्यों और उनके पीछे की राजनीतिक मंशा को समझना भी जरूरी है। उनके ये बयान विपक्ष की भूमिका और प्रदर्शन को लेकर जारी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच सामने आए हैं।