कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के जनता दरबार में क्लासिकल कलाकार डोला बनर्जी पहुंचीं और संस्कृति जगत से जुड़े कई गंभीर मुद्दों को उठाया। उन्होंने दावा किया कि वर्षों से कलाकारों के एक बड़े वर्ग को उचित अवसरों से वंचित किया जा रहा था और इसी शिकायत को लेकर वे मुख्यमंत्री से मिलने आई हैं।
15 से 20 वर्षों से कथित नेक्सस के सक्रिय होने का आरोप
डोला बनर्जी ने आरोप लगाया कि पिछले 15 से 20 वर्षों से संस्कृति जगत में एक कथित नेक्सस सक्रिय था। उनके अनुसार कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों, एजेंसियों और अधिकारियों के गठजोड़ ने सांस्कृतिक गतिविधियों और अवसरों पर प्रभाव बनाया हुआ था, जिससे कई कलाकार प्रभावित हुए।
धमकियों के कारण चुप थे कलाकार
कलाकार ने कहा कि कई लोग कथित तौर पर इस व्यवस्था के बारे में जानते थे, लेकिन खुलकर सामने नहीं आ पा रहे थे। उनका दावा है कि कलाकारों को धमकी भरे फोन आते थे, जिसके कारण वे अपनी शिकायतें सार्वजनिक रूप से रखने से डरते थे।
सरकार बदलने के बाद बढ़ा भरोसा
डोला बनर्जी ने कहा कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद कलाकारों को अपनी बात रखने का साहस मिला है। उन्होंने बताया कि नई सरकार पर भरोसा जताते हुए वे मुख्यमंत्री के पास अपनी शिकायतें और संबंधित दस्तावेज लेकर पहुंची हैं।
मुख्यमंत्री को सौंपे दस्तावेज और बिल
उन्होंने दावा किया कि कथित लेन-देन और अन्य गतिविधियों से जुड़े कुछ दस्तावेज और बिल उनके पास मौजूद थे, जिन्हें उन्होंने प्रशासन को सौंप दिया है। उनका कहना है कि अब उन्हें उम्मीद है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी।
'फिर खिलेगा कोलकाता का सांस्कृतिक वातावरण'
डोला बनर्जी ने कहा कि कोलकाता पहले से ही देश का एक प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि कथित गड़बड़ियों पर कार्रवाई होती है तो कलाकारों को फिर से समान अवसर मिलेंगे और शहर की सांस्कृतिक पहचान और मजबूत होगी।
देशभर के कलाकारों से समर्थन की अपील
उन्होंने कहा कि इस लड़ाई में देशभर के कलाकारों का समर्थन जरूरी है। डोला बनर्जी का मानना है कि संस्कृति और कला के क्षेत्र को पारदर्शी तथा निष्पक्ष बनाना समय की मांग है और इसके लिए सभी कलाकारों को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए।