ईटानगर. अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने गुरुवार को कहा कि सीमा पर अतिक्रमण होते रहते हैं। यह कोई नई बात नहीं है क्योंकि सीमा परिभाषित नहीं है। तवांग में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट के साइडलाइंस पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि चीन अरुणाचल में मैकमोहन रेखा को नहीं मानता। हमारे जवान उस तरफ जाते हैं और उनकी गश्ती पार्टियां कभी-कभी इस तरफ भी आ जाती हैं। वर्तमान स्थिति काफी सामान्य है और हमारे सशस्त्र बल सीमा की बहुत अच्छी रखवाली कर रहे हैं।
आईटीबीपी बयान के बाद प्रतिक्रिया
यह बयान आईटीबीपी महानिदेशक शत्रुजीत कपूर के एक सप्ताह बाद आया है। कपूर ने अरुणाचल प्रदेश में कई स्थानों पर चीनी पीएलए के साथ आमने-सामने की स्थिति का जिक्र किया था और कहा था कि स्थिति बदली नहीं है। मुख्यमंत्री खांडू ने अतिक्रमण की घटनाओं को नियमित बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीमा विवाद के कारण ऐसी घटनाएं होती रहती हैं। सशस्त्र बलों की तैयारी और सतर्कता पर भरोसा जताया।
मैकमोहन रेखा का विवाद
मैकमोहन रेखा 1914 में ब्रिटिश भारत और तिब्बत के बीच तय हुई थी। यह अरुणाचल प्रदेश में भारत और चीन के बीच वास्तविक सीमा के रूप में काम करती है। बीजिंग इसे मान्यता नहीं देता और कहता है कि तिब्बत को ऐसा समझौता करने का अधिकार नहीं था। इसी कारण सीमा पर गश्त के दौरान अतिक्रमण की घटनाएं होती रहती हैं। मुख्यमंत्री ने इसी ऐतिहासिक विवाद को अतिक्रमण का कारण बताया। दोनों तरफ की गश्ती पार्टियां अपनी-अपनी सीमा के दावे के साथ गश्त करती हैं।
वर्तमान स्थिति सामान्य
पेमा खांडू ने जोर देकर कहा कि वर्तमान स्थिति काफी सामान्य है। सशस्त्र बल सीमा की प्रभावी तरीके से रखवाली कर रहे हैं। अतिक्रमण होते रहने के बावजूद कोई असामान्य तनाव नहीं है। दोनों देश राजनयिक और सैन्य तंत्र के जरिए संवाद बनाए हुए हैं। मुख्यमंत्री के बयान से राज्य सरकार का रुख साफ है कि सीमा सुरक्षा मजबूत हाथों में है। स्थानीय स्तर पर शांति बनाए रखने पर जोर दिया गया।
सीमा सुरक्षा और सतर्कता
अरुणाचल सीमा पर भारतीय जवान निरंतर सतर्क हैं। गश्त और निगरानी नियमित रूप से चलती रहती है। चीन की गश्ती पार्टियों के आने-जाने की घटनाओं को सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने सशस्त्र बलों के कामकाज की सराहना की। सीमा विवाद लंबे समय से चला आ रहा है इसलिए ऐसी घटनाएं अप्रत्याशित नहीं। फिर भी सतर्कता बनाए रखना जरूरी है। राज्य सरकार केंद्र और सुरक्षा बलों के साथ समन्वय रखे हुए है।
आगे की राह और संवाद
मुख्यमंत्री के बयान से स्पष्ट है कि अरुणाचल सरकार सीमा की स्थिति को नियंत्रित मानती है। अतिक्रमण की घटनाओं को विवाद का नतीजा बताते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर भरोसा जताया गया। भारत और चीन के बीच मौजूदा तंत्र के जरिए मुद्दों को सुलझाने की कोशिश जारी है। सीमा पर शांति बनाए रखना दोनों देशों के हित में है। पेमा खांडू के बयान ने स्थानीय स्तर पर आश्वासन देने का काम किया है। सुरक्षा बल अपनी तैयारी के साथ सीमा की रक्षा कर रहे हैं।