मुंबई – भारतीय संगीत जगत आज गहरे शोक में डूब गया है। सुरों की दुनिया पर दशकों तक राज करने वाली महान गायिका आशा भोसले अब हमारे बीच नहीं रहीं। उनके निधन की खबर के बाद पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है और राजनीतिक से लेकर सांस्कृतिक जगत तक हर तरफ से श्रद्धांजलि दी जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शोक संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आशा भोसले भारत की सबसे बहुमुखी और प्रतिष्ठित आवाजों में से एक थीं। उनके गीतों ने भारतीय सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया और दुनिया भर में करोड़ों लोगों के दिलों को छुआ। पीएम मोदी ने उनके साथ अपनी मुलाकातों को यादगार बताते हुए परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
राजनाथ सिंह और अन्य नेताओं की श्रद्धांजलि
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे संगीत जगत की अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि आशा भोसले की आवाज पीढ़ियों तक गूंजती रहेगी।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भावुक संदेश में कहा कि उनके गाए गीत “तीसरी मंजिल”, “उमराव जान” और “रंगीला” जैसे फिल्मी इतिहास का हिस्सा हैं।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि उनकी आवाज केवल सुर नहीं बल्कि भावनाओं का संगम थी, जो हमेशा अमर रहेगी।
जितेंद्र सिंह का बयान
मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि आशा भोसले केवल एक कलाकार नहीं बल्कि अमर विरासत थीं, जो हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगी।
महाराष्ट्र में शोक की लहर
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उनके जाने से संगीत का एक खूबसूरत बाग सूना हो गया है। उन्होंने मंगेशकर परिवार की एक और महान हस्ती के जाने को अपूरणीय क्षति बताया। मंत्री आशीष शेलार ने कहा कि उन्होंने अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी पूंजी खो दी है।
पश्चिम बंगाल की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि आशा भोसले ने बंगाली संगीत में भी अपनी खास पहचान बनाई और उन्हें ‘बंगविभूषण’ सम्मान से नवाजा गया था। वहीं नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने उन्हें “मेलोडी की महारानी” बताते हुए श्रद्धांजलि दी।
संगीत जगत की अमर विरासत
आशा भोसले ने अपने करियर में 12,000 से अधिक गीत गाए और 20 से ज्यादा भाषाओं में अपनी आवाज दी। उन्होंने शंकर-जयकिशन, आर.डी. बर्मन, ओ.पी. नैय्यर, इलैयाराजा और ए.आर. रहमान जैसे दिग्गज संगीतकारों के साथ काम किया। वे ग्रैमी अवॉर्ड के लिए नामांकित होने वाली पहली भारतीय गायिका भी थीं, जिसने उन्हें वैश्विक पहचान दिलाई।
देशभर में शोक की लहर
उनके निधन से पूरा देश शोक में डूबा हुआ है और संगीत का एक स्वर्णिम युग हमेशा के लिए यादों में बदल गया है।