उत्तर बंगाल: भूटान के पहाड़ी इलाके में ग्लेशियर झील फटने (GLOF – Glacial Lake Outburst Flood) की विनाशकारी घटना के बाद पश्चिम बंगाल के तराई और डुआर्स क्षेत्र में अचानक बाढ़ का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। भूटान की मो छु (संकोश) नदी प्रणाली में भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार, कूचबिहार और जलपाईगुड़ी जिलों के निचले इलाकों पर गहरा असर पड़ने की आशंका है। अधिकारियों के अनुसार, झील टूटने से नदी में लगभग 74 लाख क्यूबिक मीटर पानी आ चुका है, जिससे नदी का जलस्तर बहुत तेजी से बढ़ रहा है।
संकोश नदी के तटीय इलाकों में अलर्ट और निगरानी
वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ संयुक्त कमिश्नर तथा आपदा प्रबंधन विभागों द्वारा दी गई जानकारी के बाद संकोश नदी के किनारे स्थित सभी डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। बारोबीशा, संकोश एलआरपी, गोलकगंज और बालाडोबा स्थित केंद्रीय जल आयोग (CWC) की साइटों को नदी के जलस्तर पर पल-पल नजर बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंचने की चेतावनी के साथ ही किनारे रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
वन मंत्री की जनता से मार्मिक अपील: 'अफवाहों पर ध्यान न दें, तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाएं'
पश्चिम बंगाल के वन मंत्री ने वीडियो संदेश जारी कर प्रभावित क्षेत्रों—विशेषकर कुमारग्राम ब्लॉक के संकोश फॉरेस्ट विलेज, संकोश चाय बागान, एनकेएस, चांगमारी, भोलका बारोबिशा-1 और 2, जारागुड़ी और पाकरीगुड़ी सहित संकोश नदी किनारे रहने वाले सभी निवासियों को तुरंत सतर्क होने को कहा है।
वन मंत्री ने कहा:
"भूटान के ऊपरी हिस्से में बांध/झील टूटने के कारण भारी मात्रा में पानी नीचे की ओर आ रहा है। पानी को मैदानी इलाकों तक पहुंचने में बहुत कम समय लगेगा। संकोश नदी किनारे बसे गांवों के लोग समय रहते ऊंचे व सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। बाढ़ की स्थिति में वन्यजीव और हाथी भी जंगलों से बाहर निकल सकते हैं, इसलिए अतिरिक्त सावधानी बरतें। प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है, किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और आपसी तालमेल बनाकर तुरंत सुरक्षित जगहों की ओर प्रस्थान करें। प्रशासन के राहत शिविर पूरी तरह तैयार हैं। "
जलपाईगुड़ी के बानारहाट में दहशत, रातभर लाउडस्पीकर से माइकिंग
दूसरी तरफ, भूटान सीमा से सटे जलपाईगुड़ी जिले के बानारहाट इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। भूटान से बहकर आने वाला 'हातीनाला' बानारहाट कस्बे के बीच से गुजरता है, जो सामान्य बारिश में भी पूरे शहर को जलमग्न कर देता है। भूटान में जलस्तर बढ़ने और संभावित पानी के तेज बहाव को देखते हुए बानारहाट ब्लॉक प्रशासन की टीमें रात के अंधेरे में सड़कों और रेललाइनों के किनारे माइकिंग करती नजर आईं। प्रशासन ने हातीनाला और नदी किनारे रहने वाले सभी लोगों, विशेष रूप से रात में मछली पकड़ने या नदी किनारे काम करने वालों को तुरंत हटने और सरकारी सुरक्षित आश्रयों में पहुंचने की चेतावनी दी है।