नई दिल्ली. टेस्ला के मालिक एलन मस्क की तरफ से बीते दिनों भारत सरकार पर लगाए गंभीर आरोप और फिर राहुल गांधी के साथ सोशल मीडिया पर बातचीत के मामले ने देशभर में सियासत तेज कर दी है। ऐसे में अब भाजपा ने इस मामले में मस्क और राहुल गांधी दोनों को एक साथ आड़े हाथ लिया है। भाजपा नेता राम माधव ने एलन मस्क को चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि वह किसी बनाना रिपब्लिक से डील नहीं कर रहे हैं। राम माधव ने कहा कि वह एक ऐसे विशाल और सम्मानित देश से डील कर रहे हैं जिसके नेतृत्व का पूरी दुनिया में सम्मान होता है। मस्क को इस देश और इसके नेतृत्व के प्रति सम्मान दिखाना चाहिए।
पारदर्शिता और बिना भेदभाव की बात
राम माधव ने आगे कहा कि यह मोदी सरकार है यहां सब कुछ पूरी पारदर्शिता और बिना किसी भेदभाव के होगा। इस दौरान भाजपा नेता ने पिछली यूपीए सरकार के दौरान स्पेक्ट्रम आवंटन में हुए भ्रष्टाचार के पुराने मामलों की भी याद दिलाई। भाजपा ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और मस्क के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हुई दोस्ताना बातचीत को निशाना बनाया। भाजपा ने इसे राष्ट्रीय हितों के खिलाफ विदेशी ताकतों के साथ सांठगांठ करार दिया है। पार्टी का कहना है कि विदेशी हस्तियों से इस तरह की बातचीत देश के हितों के अनुकूल नहीं है।
राहुल गांधी पर विदेशी ताकतों का आरोप
दूसरी ओर राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए भाजपा नेत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस नेताओं ने भारत की चुनी हुई लोकतांत्रिक सरकार के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समर्थन मांगने की कोशिश की है। उन्होंने कांग्रेस की पुरानी प्रवृत्तियों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी बार-बार विदेशी ताकतों से मदद मांगने का प्रयास करती रही है। स्मृति ईरानी के बयान ने राजनीतिक तापमान को और बढ़ा दिया है। भाजपा नेताओं ने इसे लोकतंत्र के प्रति असम्मान बताया।
धर्मेंद्र प्रधान का तीखा हमला
उधर पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी को राजनीतिक अवसरवाद का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि जिस स्टारलिंक कंपनी और मस्क का कांग्रेस ने कभी राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर कड़ा विरोध किया था आज उसी पर उनका रुख कैसे बदल गया। राजनीतिक स्वार्थ के लिए सिद्धांतों को ताक पर नहीं रखा जा सकता। धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस के रुख में बदलाव को अवसरवादी राजनीति करार दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सिद्धांत नहीं बदलने चाहिए।
सियासी घमासान और आगे की बहस
मस्क के आरोपों और राहुल गांधी से उनकी बातचीत ने भाजपा और कांग्रेस के बीच नया सियासी घमासान खड़ा कर दिया है। भाजपा नेताओं ने एक स्वर में भारत की संप्रभुता और नेतृत्व के सम्मान की बात कही है। राम माधव स्मृति ईरानी और धर्मेंद्र प्रधान के बयानों से पार्टी का रुख साफ हो गया है। कांग्रेस पर विदेशी ताकतों से सांठगांठ और सिद्धांतों में समझौते के आरोप लगाए गए हैं। पूरे प्रकरण ने सैटकॉम और विदेशी निवेश से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक रंग दे दिया है। दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप जारी रहने की संभावना है।