नई दिल्ली: देश की राजनीति में तेजी से उभर रहे Gen Z वोटर्स को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी अपने संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर नई रणनीति तैयार कर रही है। पार्टी का मानना है कि आने वाले वर्षों में युवा मतदाता चुनावी राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। इसी वजह से संगठनात्मक ढांचे से लेकर सरकारी जिम्मेदारियों तक युवा नेतृत्व को अधिक अवसर देने पर मंथन चल रहा है।
युवा नेतृत्व पर बढ़ेगा भरोसा
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा संगठन में नई जिम्मेदारियां तय करते समय युवा नेताओं को प्राथमिकता दी जा सकती है। इसके साथ ही भविष्य में होने वाले संभावित केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार में भी अपेक्षाकृत युवा चेहरों को जगह मिलने की संभावना जताई जा रही है। पार्टी का उद्देश्य नई पीढ़ी के साथ बेहतर संवाद स्थापित करना है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म बनेगा सबसे बड़ा हथियार
भाजपा की रणनीति में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि युवा वर्ग तक सीधे पहुंच बनाई जाए और उनके मुद्दों, रोजगार, शिक्षा, स्टार्टअप, तकनीक और नवाचार जैसे विषयों पर लगातार संवाद कायम रखा जाए।
छात्र संगठनों को भी मिलेगी बड़ी भूमिका
युवा मतदाताओं तक पहुंच मजबूत करने के लिए छात्र संगठनों (ABVP) की सक्रियता भी बढ़ाई जाएगी। कॉलेज और विश्वविद्यालय परिसरों में संगठनात्मक विस्तार, छात्र संवाद और विभिन्न सामाजिक अभियानों के जरिए नई पीढ़ी को जोड़ने की तैयारी की जा रही है।
भविष्य की राजनीति पर नजर
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि देश में पहली बार मतदान करने वाले युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सभी राजनीतिक दलों की नजर इस वर्ग पर है। भाजपा भी इसी रणनीति के तहत संगठन और सरकार में नई सोच और युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।