पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पूर्व बर्द्धमान जिले की आउसग्राम सीट से भारतीय जनता पार्टी ने इतिहास रच दिया है। भाजपा उम्मीदवार कलिता माझी ने इस सीट पर पहली बार पार्टी को जीत दिलाते हुए नया राजनीतिक अध्याय लिखा है। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी श्यामा प्रसन्न लोहार को 12,535 वोटों के बड़े अंतर से हराया।
इस जीत को खास इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि कलिता माझी का सफर बेहद संघर्षपूर्ण रहा है। कभी घरेलू सहायिका के रूप में काम करने वाली कलिता ने अपनी मेहनत और जुझारूपन के दम पर राजनीति में पहचान बनाई। उनकी इसी कहानी की सराहना देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कर चुके हैं।
मतों का पूरा गणित
कलिता माझी को कुल 1,07,692 वोट मिले, जिनमें 1,07,134 ईवीएम और 558 पोस्टल बैलेट शामिल हैं। उन्होंने कुल 47.68% वोट शेयर हासिल किया।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस के श्यामा प्रसन्न लोहार को 95,157 वोट मिले, जिनमें 94,694 ईवीएम और 463 पोस्टल बैलेट वोट शामिल हैं।
2021 की हार से 2026 की जीत तक का सफर
कलिता माझी ने 2021 के विधानसभा चुनाव में भी इसी सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन तब उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इस बार उन्होंने वापसी करते हुए न सिर्फ जीत हासिल की, बल्कि भाजपा को इस सीट पर पहली बार जीत दिलाई।
राजनीतिक संदेश क्या है?
आउसग्राम की यह जीत भाजपा के लिए सिर्फ एक सीट नहीं, बल्कि बंगाल की राजनीति में बढ़ते प्रभाव का संकेत मानी जा रही है। यह परिणाम दर्शाता है कि जमीनी स्तर पर मेहनत और मजबूत जनसंपर्क के दम पर नए चेहरे भी बड़ी जीत दर्ज कर सकते हैं।