नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) संगठन को और मजबूत करने तथा आगामी चुनावी चुनौतियों की तैयारी को लेकर सोमवार को बड़ी रणनीतिक बैठक करने जा रही है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में विभिन्न राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों के साथ अहम मंथन करेंगे। इस बैठक को राज्यसभा चुनाव, विधान परिषद चुनावों और 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राज्यसभा चुनावों को लेकर बनेगी रणनीति
चुनाव आयोग द्वारा 10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों के लिए 18 जून को चुनाव कराने की घोषणा के बाद भाजपा ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक में राज्यसभा चुनावों को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की जाएगी। साथ ही विभिन्न राज्यों में राजनीतिक समीकरणों और संगठनात्मक मजबूती पर भी चर्चा होगी, ताकि चुनावी सफलता सुनिश्चित की जा सके।
पीएम मोदी के संदेश पर होगा विशेष फोकस
सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ कई अहम मुद्दों पर चर्चा की थी। अब राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन उन्हीं प्रमुख संदेशों और दिशा-निर्देशों को प्रदेश अध्यक्षों तक पहुंचा सकते हैं। बैठक में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों और जनसंपर्क अभियानों की रूपरेखा पर भी विचार-विमर्श होने की संभावना है।
संगठन विस्तार और बूथ सशक्तिकरण पर जोर
बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष समेत कई वरिष्ठ नेता भी शामिल होंगे। पार्टी का फोकस संगठन विस्तार, नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने और बूथ स्तर तक नेटवर्क को मजबूत बनाने पर रहेगा। प्रदेश अध्यक्षों से उनके राज्यों की राजनीतिक स्थिति, संगठनात्मक गतिविधियों और आगामी योजनाओं का फीडबैक भी लिया जाएगा।
2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी शुरू
भाजपा नेतृत्व की नजर अब 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर विधानसभा चुनावों पर भी है। ऐसे में पार्टी अभी से चुनावी रणनीति को धार देने में जुट गई है। बैठक में इन राज्यों में संगठन को मजबूत करने, जनाधार बढ़ाने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर विशेष चर्चा होने की संभावना है।
प्रशिक्षण अभियान की समीक्षा भी होगी
भाजपा का 'पंडित दीनदयाल उपाध्याय महा प्रशिक्षण अभियान' भी बैठक का प्रमुख एजेंडा रहेगा। इस अभियान के तहत मंडल स्तर तक कार्यकर्ताओं को वैचारिक और संगठनात्मक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वरिष्ठ नेता इसकी प्रगति की समीक्षा करेंगे और इसे और प्रभावी बनाने पर सुझाव देंगे।