GST परिषद की 12 सितंबर को प्रस्तावित बैठक अब 7 अक्टूबर को आयोजित होगी। बैठक की तारीख में यह बदलाव नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के कारण किया गया है। भारत 12 और 13 सितंबर को इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी करेगा, जिसमें सदस्य देशों के बीच वैश्विक आर्थिक और रणनीतिक मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा। ऐसे में केंद्र और राज्यों से जुड़े वित्तीय मामलों की शीर्ष संस्था की बैठक को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। सूत्रों के अनुसार, परिषद की 57वीं बैठक की नई तारीख तय कर दी गई है और संबंधित स्तर पर इसकी तैयारियां शुरू की जा रही हैं।
7 अक्टूबर को जुटेंगे केंद्र और राज्यों के वित्त मंत्री
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में होने वाली जीएसटी परिषद की बैठक में केंद्र के साथ राज्यों के वित्त मंत्री भी शामिल होंगे। परिषद की बैठक ऐसे समय होने जा रही है, जब देश की कर व्यवस्था, राजस्व संग्रह और विभिन्न क्षेत्रों पर कर के प्रभाव को लेकर कई मुद्दे महत्वपूर्ण बने हुए हैं। बैठक से पहले 5 और 6 अक्टूबर को अधिकारियों की बैठक होगी, जिसमें विभिन्न प्रस्तावों और कर संबंधी विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा। अधिकारियों के स्तर पर होने वाली चर्चा के आधार पर परिषद के सामने रखे जाने वाले मुद्दों को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। इससे 7 अक्टूबर की बैठक में नीतिगत निर्णय लेने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित आधार मिल सकता है।
एक साल से अधिक समय बाद होगी परिषद की बैठक
जीएसटी परिषद की 57वीं बैठक करीब एक साल से अधिक समय के अंतराल के बाद होने जा रही है। इससे पहले परिषद की 56वीं बैठक 3 और 4 सितंबर 2025 को आयोजित हुई थी। उस बैठक में केंद्र और राज्यों ने माल एवं सेवा कर की दरों तथा विभिन्न कर श्रेणियों में बड़े बदलाव करने का फैसला किया था। पिछली बैठक के फैसलों का असर कारोबार, उपभोक्ताओं और सरकारी राजस्व पर व्यापक रूप से पड़ा था। ऐसे में इस बार होने वाली बैठक पर भी उद्योग जगत और राज्यों की नजर रहेगी। हालांकि 7 अक्टूबर की बैठक में किन विषयों को अंतिम रूप से एजेंडे में शामिल किया जाएगा, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही संभावित फैसलों की तस्वीर स्पष्ट होगी।
पश्चिम एशिया संकट समेत वैश्विक मुद्दों पर होगी चर्चा
नई दिल्ली में आयोजित होने वाला ब्रिक्स शिखर सम्मेलन केवल सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक चुनौतियों पर भी चर्चा का महत्वपूर्ण मंच बनेगा। सम्मेलन में पश्चिम एशिया संकट के आर्थिक प्रभाव सहित अंतरराष्ट्रीय व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर विचार होने की उम्मीद है। मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में पश्चिम एशिया में तनाव का असर ऊर्जा कीमतों, आपूर्ति शृंखला और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है। भारत की मेजबानी में होने वाले सम्मेलन में इन विषयों पर सदस्य देशों के बीच साझा दृष्टिकोण विकसित करने की कोशिश महत्वपूर्ण होगी। इसी व्यापक अंतरराष्ट्रीय आयोजन के कारण घरेलू स्तर की महत्वपूर्ण वित्तीय बैठक को पुनर्निर्धारित किया गया है।
ब्रिक्स का बढ़ता दायरा बना महत्वपूर्ण वैश्विक मंच
ब्रिक्स की शुरुआत ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के समूह के रूप में हुई थी, लेकिन हाल के वर्षों में इसका विस्तार हुआ है। वर्ष 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात को समूह में शामिल किया गया, जबकि इंडोनेशिया 2025 में इसका सदस्य बना। विस्तार के बाद ब्रिक्स का आर्थिक और भू-राजनीतिक महत्व और बढ़ा है तथा यह वैश्विक दक्षिण के देशों के बीच सहयोग का प्रमुख मंच बनकर उभरा है। भारत के लिए इस वर्ष सम्मेलन की मेजबानी ऐसे समय हो रही है, जब वैश्विक व्यापार, ऊर्जा और आर्थिक स्थिरता से जुड़े प्रश्न पहले की तुलना में अधिक जटिल हैं। इसलिए नई दिल्ली में होने वाली बैठकों को भारत की कूटनीतिक और आर्थिक प्राथमिकताओं के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जीएसटी परिषद की अगली बैठक पर उद्योग की नजर
7 अक्टूबर को होने वाली जीएसटी परिषद की बैठक में कर व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की संभावना के कारण कारोबार और उद्योग जगत की नजर इसके एजेंडे पर रहेगी। परिषद केंद्र और राज्यों के बीच जीएसटी से संबंधित महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णयों के लिए प्रमुख मंच है, इसलिए इसके फैसलों का सीधा असर कारोबारियों, उपभोक्ताओं और राज्य सरकारों के राजस्व पर पड़ता है। पिछली बैठक में दरों और कर श्रेणियों में किए गए बदलावों के बाद नई बैठक में उनके प्रभाव और आगे की जरूरतों पर भी चर्चा की अपेक्षा की जा सकती है। हालांकि अंतिम एजेंडा और संभावित निर्णयों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के चलते 12 सितंबर की निर्धारित बैठक अब 7 अक्टूबर को होगी।