पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) आज पटियाला जेल से रिहा होंगे। जेल के बाहर मौजूद उनके समर्थकों द्वारा ढोल नगाड़े बजाकर सिद्धू की रिहाई का जश्न मनाया जा रहा है। स्वागत के लिए बड़ी गिनती में कांग्रेसी नेता पहुंचे हुए हैं। रोडरेज केस में 10 महीने 11 दिन की सजा काटने के बाद सिद्धू 2 महीने पहले रिहा होने वाले हैं।
2 महीने पहले रिहा होने का कारण (Navjot Singh Sidhu)
कल नवजोत सिंह सिद्धू के ट्विटर हैंडल पर इस बारे में जानकारी दी गई थी कि आज वह रिहा होने वाले है। सिद्धू अपनी सजा से 2 महीने पहले ही रिहा हो रहे हैं। इस पर उनके वकील एचपीएस वर्मा का कहना है कि पंजाब प्रिजन रूल्स के अनुसार अगर किसी कैदी का बर्ताव अच्छा होता है, तो उसे समय से पहले भी रिहा किया जा सकता है। जब कैदी का बर्ताव अच्छा होता है, तो हर महीने 5 से 7 दिन उसकी सजा कम हो जाती है।
रोडरेज का पूरा विवाद
27 दिसंबर 1988 को शाम के समय सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) अपने दोस्त के साथ मार्केट पहुंचे थे जहां उनकी 65 साल के बुजुर्ग से कहासुनी हो गई थी। बात हाथापाई तक जा पहुंची थी। सिद्धू ने बुजुर्ग व्यक्ति को घुटना मारकर गिरा दिया था। जिसके बाद दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई। उसी दिन सिद्धू और उनके दोस्त पर कोतवाली थाने में गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया गया था।
कब आया केस पर फैसला ?
सेशन कोर्ट से मामला शुरू हुआ था जहां 1999 में सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) और उनके दोस्त के केस को खारिज कर दिया गया था। 2006 में हाईकोर्ट ने सिद्धू और उनके दोस्त को 3-3 साल की सजा सुनाई थी। साथ ही उनपर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। जब मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो आरोपियों को बरी कर दिया गया था। जिसके बाद सिद्धू पर 1000 रुपये का जुर्माना लगाया गया था। इसी पर पुनर्विचार याचिका भी दायर की गई थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सिद्धू को 1 साल की सजा सुनाई थी।
HAL के राजस्व में हुई बढोत्तरी, पीएम मोदी ने ट्विट कर दी बधाई
Comments (0)