नई दिल्ली - पंजाब कांग्रेस में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच पिछले करीब 15 दिनों से पार्टी हाईकमान के फैसलों का विरोध कर रहे पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के तेवर अब नरम पड़ते नजर आए हैं। कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से अहम बैठक के बाद चन्नी ने साफ कहा कि राहुल गांधी ही उनके नेता हैं और पार्टी से बढ़कर उनके लिए कुछ भी नहीं है।
इंदिरा भवन में हुई अहम बैठक
दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में हुई इस बैठक में केसी वेणुगोपाल के साथ सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, परगट सिंह, राणा गुरजीत सिंह और विजय इंदर सिंगला भी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य विषय पंजाब कांग्रेस में जारी संगठनात्मक विवाद और आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति माना जा रहा है। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में चन्नी ने कहा कि वह कांग्रेस हाईकमान के फैसले का सम्मान करते हैं और पार्टी में सब कुछ ठीक है।
'राहुल गांधी ही हमारे लीडर हैं'
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा, "राहुल गांधी ही हमारे लीडर हैं। हम हाईकमान के फैसले का सम्मान करते हैं। पार्टी में ऑल इज वेल है। मेरे लिए पार्टी से ऊपर कुछ नहीं है। उनके इस बयान को कांग्रेस नेतृत्व के प्रति समर्थन और संगठन में एकजुटता का संदेश माना जा रहा है।
राजा वड़िंग को हटाने की मांग पर बैकफुट
दरअसल, एक जुलाई को कांग्रेस हाईकमान द्वारा पंजाब संगठन से जुड़ी नई सूची जारी किए जाने के बाद चन्नी लगातार पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को पद से हटाने की मांग कर रहे थे। उन्होंने कई सार्वजनिक मंचों पर भी नेतृत्व के फैसलों पर सवाल उठाए थे। हालांकि, केसी वेणुगोपाल से मुलाकात के बाद उनके तेवर पूरी तरह बदल गए हैं। राजनीतिक जानकार इसे हाईकमान के सख्त रुख का असर मान रहे हैं।
हाईकमान ने बदलाव से किया इनकार
इससे पहले पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल भी स्पष्ट कर चुके थे कि हाईकमान अपने फैसले में कोई बदलाव नहीं करेगा। उन्होंने कहा था कि संगठनात्मक नियुक्तियां कोई "गुड्डे-गुड़ियों का खेल" नहीं हैं और पार्टी नेतृत्व का फैसला अंतिम है। अब चन्नी के बदले रुख के बाद माना जा रहा है कि पंजाब कांग्रेस के बाकी नेताओं को भी हाईकमान के निर्णय को स्वीकार करना होगा।
विधानसभा चुनाव से पहले एकजुटता पर जोर
पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व संगठन में किसी भी तरह की अंदरूनी कलह को खत्म करना चाहता है। चन्नी के ताजा बयान से संकेत मिलते हैं कि पार्टी अब चुनावी तैयारियों पर पूरा ध्यान केंद्रित करेगी और नेतृत्व के फैसलों के साथ आगे बढ़ने की कोशिश करेगी।