नई दिल्ली - देश की संसद के निचले सदन लोकसभा में केंद्र की मोदी सरकार की ओर से पेश गया महिला आरक्षण बिल शुक्रवार (17 अप्रैल, 2026) को पारित नहीं हो पाया है। आपको बता दें कि, इस महत्वपूर्ण बिल के पक्ष में कुल 298 सांसदों ने अपना समर्थन दिया, जबकि 230 सांसदों ने इसके विरोध में मतदान किया है। देश की नारी शक्ति को अधिकार और 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाले बिल के सदन में गिरने पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है।
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान ने विपक्षी गठबंधन INDI गठबंधन पर तीखा हमला बोला है। केंद्रीय मंत्री पासवान ने आरोप लगाया है कि यह गठबंधन महिला प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर विरोधी रुख अपनाता है।
महिला प्रतिनिधित्व पर विवाद
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान ने अपने इस बयान में आगे कहा कि, संसद में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के प्रयासों का विरोध करना “महिला विरोधी सोच” को दर्शाता है। उनकेअनुसार, इस तरह के रुख से देश की आधी आबादी को पर्याप्त राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाएगा।
किसी क्षेत्र के साथ अन्याय न हो
केंद्रीय मंत्री पासवान ने इस दौरान यह भी कहा कि, परिसीमन को लेकर विपक्ष बहानेबाज़ी कर रहा है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) प्रमुख के अनुसार प्रस्ताव में सभी राज्यों के बीच संतुलन रखने और सीटों में समान वृद्धि पर ध्यान दिया गया है, ताकि किसी क्षेत्र के साथ अन्याय न हो। इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच परिसीमन और महिला प्रतिनिधित्व जैसे मुद्दों पर बहस तेज होती दिख रही है।