तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और TVK प्रमुख C. Joseph Vijay ने मुख्यमंत्री बनने के बाद अपनी पहली बड़ी जनसभा में विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि अब राज्य की राजनीति में सीधा मुकाबला TVK और Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) के बीच है और किसी तीसरी पार्टी के लिए जगह नहीं बची है।
खुद को बताया जनता का ‘पहला सेवक’
विजय ने कहा कि जनता ने उन्हें मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि अपना पहला सेवक बनाया है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के लोगों ने वर्षों तक सत्ता में रही पार्टियों को नकारते हुए बदलाव के पक्ष में मतदान किया है। उन्होंने कहा, "मैं मुख्यमंत्री नहीं, जनता का पहला सेवक हूं। लोगों ने मुझ पर भरोसा जताया है और मैं उसी भरोसे पर काम करूंगा।"
DMK और AIADMK पर लगाए गंभीर आरोप
मुख्यमंत्री विजय ने Dravida Munnetra Kazhagam और All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam पर सरकार को अस्थिर करने और राजनीतिक जोड़-तोड़ (हॉर्स ट्रेडिंग) की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जनता के स्पष्ट जनादेश से बनी है और उसे अस्थिर करने की हर कोशिश नाकाम होगी।
‘छह महीने चुप रहने वाले छह दिन भी शांत नहीं रहे’
विपक्ष पर निशाना साधते हुए विजय ने कहा कि जो लोग सरकार बनने के बाद कुछ समय तक इंतजार करने की बात कर रहे थे, वे कुछ ही दिनों में आलोचना शुरू कर चुके हैं। उन्होंने कहा, "जो छह महीने शांत रहने की बात करते थे, वे छह दिन भी शांत नहीं रह सके।"
तमिलनाडु के अधिकारों की रक्षा का वादा
मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि उनकी सरकार राज्य के अधिकारों और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों पर कोई समझौता नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि TVK सरकार सभी वर्गों के लिए समान रूप से काम करेगी और तमिलनाडु के हितों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी।
पहनावे पर उठे सवालों का दिया जवाब
अपने पहनावे को लेकर हो रही राजनीतिक टिप्पणियों पर भी विजय ने मंच से जवाब दिया। उन्होंने समर्थकों से पूछा, "मैं सूट क्यों नहीं पहन सकता?" इस बयान पर सभा में मौजूद लोगों ने जोरदार तालियां बजाईं।
बदलाव की राजनीति का दावा
विजय ने कहा कि तमिलनाडु की जनता ने बदलाव के लिए वोट दिया है और उनकी सरकार विकास, पारदर्शिता और जनकल्याण को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ेगी। मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी यह पहली बड़ी सार्वजनिक रैली राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।