नई दिल्ली. चक्रवात अर्णब के उत्तर आंध्र प्रदेश तट से बुधवार सुबह टकराने की आशंका के बीच भारतीय रेलवे ने सुरक्षा उपायों और आपातकालीन तैयारियों को तेज कर दिया है। साउथ कोस्ट रेलवे के महाप्रबंधक संदीप माथुर ने सोमवार को तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने चार डिवीजनों के डिवीजनल रेलवे मैनेजरों और प्रमुख विभाग प्रमुखों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करने और ट्रेन सेवाओं में व्यवधान कम करने पर विशेष जोर दिया गया। चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए सभी स्तरों पर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
24 घंटे वॉर रूम सक्रिय
साउथ कोस्ट रेलवे ने अपने जोनल मुख्यालय और डिवीजनल मुख्यालयों पर 24 घंटे वॉर रूम स्थापित कर दिए हैं। इन वॉर रुम्स के माध्यम से आपातकालीन प्रतिक्रियाओं का समन्वय किया जाएगा। संवेदनशील पुलों, रेलवे ट्रैक, यार्ड और सिग्नलिंग सिस्टम की निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों को जल निकासी चैनलों से गाद, वनस्पति और मलबा साफ करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जलभराव न हो। संवेदनशील स्थानों पर गश्ती टीमें और चौकीदार तैनात किए गए हैं। चक्रवात से होने वाले नुकसान से निपटने के लिए आपातकालीन ट्रैक रखरखाव सामग्री का भंडारण भी कर लिया गया है।
यात्री सहायता व्यवस्था मजबूत
चक्रवात को देखते हुए रेलवे जोन ने यात्री सहायता व्यवस्था को और मजबूत किया है। प्रमुख स्टेशनों पर हेल्प डेस्क स्थापित किए जा रहे हैं जहां ट्रेन सेवाओं और यात्रा संबंधी अपडेट की जानकारी दी जाएगी। साउथ कोस्ट रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी वाई बालाजी किरण के अनुसार जरूरत पड़ने पर रद्द ट्रेनों के रिफंड के लिए अतिरिक्त टिकट काउंटर संचालित किए जाएंगे। कैटरिंग इकाइयों को पर्याप्त खाद्य सामग्री का भंडार बनाए रखने को कहा गया है। वैकल्पिक बिजली आपूर्ति की व्यवस्था भी कर ली गई है ताकि सेवाएं बाधित न हों।
ट्रैक और पुलों की सुरक्षा पर जोर
संवेदनशील पुलों और रेलवे ट्रैक की लगातार निगरानी की जा रही है। सिग्नलिंग सिस्टम को सुरक्षित रखने के लिए अतिरिक्त सावधानियां बरती गई हैं। गश्ती टीमें नियमित रूप से संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं। जल निकासी व्यवस्था साफ रखने पर विशेष ध्यान दिया गया है क्योंकि भारी बारिश की संभावना है। आपातकालीन सामग्री पहले से ही स्टॉक कर ली गई है ताकि किसी भी क्षति की स्थिति में तुरंत मरम्मत की जा सके। इन उपायों से ट्रैक सुरक्षा सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है।
समीक्षा बैठक और निर्देश
महाप्रबंधक संदीप माथुर ने डिवीजनल रेलवे मैनेजरों और विभाग प्रमुखों के साथ समीक्षा बैठक कर सभी व्यवस्थाओं का आकलन किया। बैठक में यात्री सुरक्षा, ट्रेन संचालन और आपातकालीन प्रतिक्रिया पर विस्तृत चर्चा हुई। सभी संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने और समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए। चक्रवात के मूवमेंट के अनुसार तैयारियों को अपडेट किया जा रहा है। रेलवे प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
यात्रियों के लिए अपील और आगे की निगरानी
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और अनावश्यक यात्रा से बचें। ट्रेन सेवाओं में बदलाव की जानकारी हेल्प डेस्क और आधिकारिक चैनलों से ली जा सकती है। वॉर रूम के माध्यम से पूरे जोन की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। चक्रवात की तीव्रता और मार्ग के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाते रहेंगे। साउथ कोस्ट रेलवे का पूरा फोकस यात्री सुरक्षा और सेवाओं को सुचारू रखने पर है।