राजस्थान विधानसभा में प्रचंड जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी यहां किसे मुख्यमंत्री बनाएगी, इस पर सस्पेंस बरकरार है। सबसे अधिक चर्चित चेहरों में बाबा बालकनाथ का नाम है जिन्हें राजस्थान का योगी भी कहा जाता है। हालांकि शनिवार (09 दिसंबर) को उन्होंने खुद ही कुछ ऐसा कह दिया है जिससे यूं लग रहा है जैसे वह राजस्थान के मुख्यमंत्री पद की रेस से बाहर हो गए हैं।
सीएम पद की रेस में नहीं होने के दिए संकेत
2019 में बीजेपी के टिकट पर अलवर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से सांसद चुने गए बालकनाथ ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जनता-जनार्धन ने पहली बार सांसद व विधायक बना कर राष्ट्रसेवा का अवसर दिया। चुनाव परिणाम आने के बाद से मीडिया व सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं को नजर अंदाज करें। मुझे अभी प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में अनुभव प्राप्त करना है।”पार्टी व प्रधानमंत्री @narendramodi जी के नेतृत्व में जनता-जनार्धन ने पहली बार सांसद व विधायक बना कर राष्ट्रसेवा का अवसर दिया।चुनाव परिणाम आने के बाद से मीडिया व सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं को नज़र अंदाज़ करें।मुझे अभी प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में अनुभव प्राप्त करना है।
— Yogi Balaknath (@MahantBalaknath) December 9, 2023
अलवर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से सांसद चुने गए थे बाबा बालकनाथ
बाबा बालकनाथ 2019 में बीजेपी के टिकट पर अलवर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से सांसद चुने गए थे। पार्टी ने उन्हें इस बार जिले की तिजारा सीट से विधानसभा चुनाव का टिकट दिया था। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी इमरान खान को हराकर जीत दर्ज की। उसके बाद सांसद के पद से इस्तीफा दे दिया है और उनका नाम सूबे के मुख्यमंत्री की रेस में चल रहा है। बालकनाथ उसी नाथ संप्रदाय के साधु हैं। जिस संप्रदाय के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं।Read More: हिमंत बिस्वा सरमा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक, कई फैसलों को दी गई मंजूरी
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