राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने दिल्ली की आप सरकार को आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने और आंगनवाड़ी पर्यवेक्षकों का लंबित वेतन जल्द से जल्द जारी करने की सलाह दी है। आपको बता दें कि, राज निवास के अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी है।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने उपराज्यपाल से मुलाकात की
अधिकारियों ने बताया कि, मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (आशा) और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना से मुलाकात की और उन्हें अपनी शिकायतें बताईं। प्रतिनिधिमंडल ने उपराज्यपाल सक्सेना से इस मामले में हस्तक्षेप करने की भी मांग की है।
आशा और आंगनवाड़ी पर्यवेक्षकों का वेतन हो जारी
आपको बता दें कि, दिल्ली में आशा कार्यकर्ता राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत समुदाय में गैर-चिकित्सा स्वास्थ्य कार्यकर्ता के रूप में कार्य करती हैं। राज भवन के अधिकारियों ने आगे बताया कि, उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने ‘आप’ सरकार को आशा कार्यकर्ताओं को दिए जाने वाले मानदेय को 3,000 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 9,000 रुपये करने की सलाह दी है। आखिरी बार 2018 में वजीफा बढ़ाया गया था।
पर्यवेक्षकों को सात महीने से वेतन नहीं मिला
अधिकारियों ने आगे बताया कि, नियमों के अनुसार, हर तीन साल में मानदेय में बढ़ोतरी की जानी चाहिए। अधिकारियों ने बताया कि, उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने दिल्ली की अतिशी सरकार से आंगनवाड़ी पर्यवेक्षकों का लंबित वेतन भी देने को कहा है। आपको बता दें कि, पर्यवेक्षकों को सात महीने से वेतन नहीं मिला है।