राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जनगणना का पहला चरण आज गुरुवार से शुरू हो गया है। इस प्रक्रिया के तहत बड़े स्तर पर डेटा संग्रह किया जाएगा, जो आने वाले समय में सरकारी नीतियों और योजनाओं के निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस पर फोकस
पहले चरण को “हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस” कहा जाता है। इसमें शहर के घरों, इमारतों और रहने की स्थितियों का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इस दौरान लोगों से 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिनमें बुनियादी सुविधाएं, घर का स्वामित्व और परिवार प्रमुख की जानकारी शामिल होगी।
डिजिटल माध्यम से होगा डेटा संग्रह
यह पूरा सर्वे डिजिटल तरीके से किया जाएगा। गणनाकर्मी मोबाइल ऐप के जरिए डेटा दर्ज करेंगे, जिससे प्रक्रिया तेज और सटीक बनेगी।
दो चरणों में पूरा होगा सर्वे
- 16 अप्रैल से 15 मई: NDMC और दिल्ली छावनी क्षेत्र
- 16 मई से 15 जून: दिल्ली नगर निगम क्षेत्र
प्रशिक्षित गणनाकर्मियों की तैनाती
जनगणना के लिए कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है और उन्हें अलग-अलग क्षेत्रों में सर्वे के लिए तैनात किया गया है, ताकि काम व्यवस्थित तरीके से पूरा हो सके।
हर इलाके को किया जाएगा कवर
इस सर्वे में दिल्ली के सभी हिस्सों को शामिल किया गया है—चाहे वह शहरी क्षेत्र हों, अर्ध-शहरी इलाके या फिर ग्रामीण और झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्र।
गणना ब्लॉकों में बांटा गया शहर
सर्वे को प्रभावी बनाने के लिए शहर को कई गणना ब्लॉकों में विभाजित किया गया है, ताकि कोई भी क्षेत्र छूट न जाए और डेटा पूरी तरह सटीक रहे।
दूसरे चरण में होगी जनसंख्या गणना
जनगणना का दूसरा चरण बाद में आयोजित किया जाएगा, जिसमें लोगों की वास्तविक संख्या की गिनती की जाएगी।