दिल्ली. राजधानी क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए लोगों को चौंका दिया है। तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश के चलते तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे जहां एक ओर गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर जनजीवन प्रभावित होता नजर आया। इस बदलाव ने उत्तर भारत के कई हिस्सों में मौसम की अनिश्चितता को और स्पष्ट कर दिया है।
राजधानी क्षेत्र में तेज बदलाव का असर
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की चेतावनी के बीच शुक्रवार रात राजधानी क्षेत्र में तेज बारिश और आंधी का दौर देखने को मिला। इस दौरान तापमान में करीब 7 से 10 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। अचानक आए इस परिवर्तन से लोगों को भीषण गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन यातायात और दैनिक गतिविधियों पर असर पड़ा।
ऑरेंज अलर्ट और सुरक्षा की अपील
मौसम विभाग ने पूरे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। विभाग ने आशंका जताई कि क्षेत्र में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, साथ ही बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। नागरिकों को घरों में रहने और खुले स्थानों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।
हरियाणा और पंजाब में भी असर
राजधानी से सटे हरियाणा के कई जिलों में भी मौसम ने करवट ली है। चरखी दादरी, झज्जर, रोहतक और सोनीपत जैसे क्षेत्रों में तेज हवाओं और बिजली चमकने की संभावना जताई गई है। वहीं पंजाब में भी आंशिक बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश और धूल भरी आंधी का अनुमान है, जिससे मौसम में ठंडक बनी रह सकती है।
पूर्वी राज्यों में भी अलर्ट जारी
बिहार में भी मौसम विभाग ने आंधी-तूफान और बारिश की चेतावनी जारी की है। यहां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। हालांकि तापमान अभी भी 37 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है, जिससे उमस और असहजता का माहौल बना रहेगा।
बिजली गिरने की घटनाएं बनी चिंता
दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली क्षेत्र में बिजली गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। मौसम विभाग ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ घंटों और दिनों में उत्तर भारत के कई हिस्सों में इसी तरह का मौसम बना रह सकता है। हालांकि धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होने की संभावना भी जताई गई है, लेकिन तब तक सतर्क रहना आवश्यक है।
मौसम परिवर्तन का व्यापक संकेत
इस तरह के अचानक मौसम बदलाव यह संकेत देते हैं कि जलवायु में अस्थिरता बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की घटनाएं भविष्य में और अधिक देखने को मिल सकती हैं, जिससे सतर्कता और तैयारी दोनों जरूरी हो जाती हैं।