इस वर्ष मार्च का महीना शुरू होते ही उत्तर और पश्चिम भारत के कई क्षेत्रों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल गया है। सामान्य तौर पर इस समय तक हल्की गर्माहट ही महसूस होती है, लेकिन इस बार तापमान अचानक बढ़ने से लोगों को असामान्य गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और लगातार बदलते मौसम चक्र के कारण अब गर्मी का असर पहले ही दिखाई देने लगा है।
दिल्ली में टूटा पांच दशक पुराना तापमान रिकॉर्ड
देश की राजधानी दिल्ली में इस बार मार्च में ही तापमान ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। दिल्ली के सफदरजंग स्थित मौसम वेधशाला में अधिकतम तापमान लगभग 35 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब सात डिग्री अधिक है। हवा में नमी अधिक होने के कारण लोगों को वास्तविक तापमान से भी अधिक गर्मी महसूस हो रही है, जिससे उमस और बेचैनी बढ़ गई है।
उमस और हीट इंडेक्स ने बढ़ाई परेशानी
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार हवा में नमी की मात्रा बढ़ने से हीट इंडेक्स में भी वृद्धि हो जाती है। इसका अर्थ यह है कि शरीर को वास्तविक तापमान से अधिक गर्मी महसूस होती है। यही कारण है कि दिल्ली के लोगों को मार्च में ही चिपचिपी गर्मी का अनुभव होने लगा है, जो आमतौर पर अप्रैल या मई के महीनों में देखने को मिलता है।
मुंबई में तापमान 40 डिग्री के पार
पश्चिम भारत के प्रमुख महानगर मुंबई में भी गर्मी का असर काफी तेज दिखाई दे रहा है। यहां दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे लोगों को समय से पहले ही भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने इस स्थिति को देखते हुए शहर के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है, ताकि लोग सतर्क रह सकें।
शहर के कई इलाकों में दर्ज हुआ अत्यधिक तापमान
मुंबई के कई हिस्सों में तापमान काफी अधिक दर्ज किया गया है। पश्चिमी उपनगरों के राम मंदिर क्षेत्र में तापमान लगभग 42.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि विक्रोली क्षेत्र में करीब 41.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। इस अचानक बढ़ी गर्मी के कारण शहर में रहने वाले लोगों को दिन के समय बाहर निकलने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उत्तर प्रदेश में भी बढ़ने लगा तापमान
उत्तर भारत के अन्य राज्यों की तरह उत्तर प्रदेश में भी तापमान धीरे-धीरे बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में फिलहाल मौसम साफ और शुष्क बना रहेगा, जिससे दिन के समय तेज धूप का असर महसूस किया जा सकता है। प्रदेश में अधिकतम तापमान लगभग 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना जताई गई है, जबकि न्यूनतम तापमान 19 से 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है गर्मी
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि वर्तमान परिस्थितियां बनी रहती हैं तो आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि हो सकती है। इसलिए लोगों को गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने, पर्याप्त पानी पीने और दिन के सबसे गर्म समय में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी जा रही है।
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