कोलकाता: पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर बड़ी छापेमारी की है। रविवार सुबह केंद्रीय एजेंसी की टीम कोलकाता के अलग-अलग इलाकों में कई ठिकानों पर पहुंची। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत की जा रही है, जिससे राज्य की राजनीति और कारोबारी हलकों में हलचल तेज हो गई है।
‘सन ग्रुप’ के MD जॉय कामदार के घर दूसरी बार रेड
ईडी अधिकारियों ने बेहाला स्थित ‘सन ग्रुप’ के प्रबंध निदेशक जॉय कामदार के आवास पर दोबारा छापा मारा। सुबह करीब 6 बजे पांच गाड़ियों में टीम पहुंची, जिनमें से तीन में सुरक्षा बल मौजूद थे। अधिकारियों ने घर में दाखिल होकर लंबी तलाशी शुरू की। इससे पहले भी इसी ठिकाने से लगभग 12 लाख रुपये नकद बरामद किए जा चुके हैं।
कोलकाता पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के ठिकानों पर भी कार्रवाई
ईडी ने कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा बिश्वास के दो ठिकानों पर भी छापेमारी की। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई बालिगंज इलाके सहित उनके जुड़े परिसरों में की गई। एजेंसी इस पूरे मामले को कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से जोड़कर देख रही है।
सोना पप्पू केस से जुड़ा मामला, जांच का दायरा बढ़ा
सूत्रों के मुताबिक, यह छापेमारी ‘सोना पप्पू’ और जॉय कामदार से जुड़े केस में की जा रही है। पहले की कार्रवाई में जहां नकदी बरामद हुई थी, वहीं कथित तौर पर हथियार मिलने के बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है। ईडी ने कामदार को पहले दो बार पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन उनके पेश न होने के बाद यह सख्त कदम उठाया गया।
हाल ही में आयकर विभाग भी कर चुका है रेड
गौरतलब है कि इससे पहले आयकर विभाग ने तृणमूल कांग्रेस से जुड़े नेताओं और व्यक्तियों के ठिकानों पर भी छापेमारी की थी। भवानीपुर में ममता बनर्जी के प्रस्तावक मिराज शाह और TMC उम्मीदवार देबाशीष कुमार के घर भी तलाशी ली गई थी। इन लगातार हो रही कार्रवाइयों से राज्य की राजनीति में तनाव बढ़ता दिख रहा है।
चुनाव से पहले बढ़ी एजेंसियों की सक्रियता
विशेषज्ञ मानते हैं कि चुनाव से पहले केंद्रीय एजेंसियों की बढ़ती सक्रियता का राजनीतिक असर भी देखने को मिल सकता है। हालांकि, एजेंसियां इसे पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया और जांच का हिस्सा बता रही हैं।