नई दिल्ली - अगर आपने EMI पर स्मार्टफोन खरीदा है और किसी वजह से किस्त समय पर जमा नहीं कर पा रहे हैं, तो अब कंपनी आपके फोन को मनमाने तरीके से तुरंत लॉक नहीं कर सकती। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के तहत डिवाइस को लॉक करने से पहले ग्राहकों के अधिकारों और तय प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होगा।
पहले ग्राहक को देना होगा नोटिस
EMI में डिफॉल्ट होने पर लोन देने वाली कंपनी को सीधे फोन लॉक करने के बजाय ग्राहक को इसकी जानकारी देनी होगी। ग्राहक को बकाया राशि जमा करने और स्थिति सुधारने का उचित मौका देना जरूरी होगा। यानी सिर्फ एक किस्त नहीं भरने पर तत्काल फोन को निष्क्रिय करने की कार्रवाई नहीं की जा सकती।
लोन एग्रीमेंट में साफ होनी चाहिए शर्त
फोन को लॉक करने जैसी कार्रवाई तभी की जा सकती है, जब इसके संबंध में लोन एग्रीमेंट में स्पष्ट शर्त मौजूद हो। ग्राहक को खरीदारी या लोन लेते समय इस शर्त की जानकारी दी जानी चाहिए। बिना स्पष्ट जानकारी के बाद में डिवाइस लॉक करने की कार्रवाई सवालों के घेरे में आ सकती है।
जरूरी सुविधाएं पूरी तरह बंद नहीं की जा सकेंगी
नियमों का एक अहम पहलू यह भी है कि फोन को इस तरह लॉक नहीं किया जा सकता, जिससे उसकी जरूरी सुविधाएं पूरी तरह बंद हो जाएं। खास तौर पर इमरजेंसी कॉल जैसी आवश्यक सेवाओं तक पहुंच बनाए रखना जरूरी होगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वित्तीय डिफॉल्ट की स्थिति में ग्राहक की सुरक्षा प्रभावित न हो।
ग्राहकों को क्या करना चाहिए?
अगर EMI भरने में परेशानी हो रही है तो ग्राहक को कंपनी से संपर्क करके भुगतान के विकल्पों के बारे में जानकारी लेनी चाहिए। साथ ही, फोन खरीदते समय किए गए लोन या फाइनेंस एग्रीमेंट की शर्तों को ध्यान से पढ़ना जरूरी है। कुल मिलाकर, EMI में देरी होने का मतलब यह नहीं है कि कंपनी बिना किसी प्रक्रिया के आपका स्मार्टफोन तुरंत लॉक कर देगी। नोटिस, अनुबंध की स्पष्ट शर्तें और ग्राहक को भुगतान का अवसर देना इस तरह की कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।