शीतकालीन सत्र के पहले दो दिन पूरी तरह से हंगामे की भेंट चढ़ गए हैं, जिसमें विपक्षी सांसद भारत के बिजनैसमेन गौतम अडानी के मुद्दे पर हंगामा कर रहे हैं। अडानी के मुद्दे पर कांग्रेस मोदी सरकार को लगातार घेर रही है। हालांकि, इंडी गठबंधन में विखंडन दिखाई देने लगा है, तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस मामले में अलग रुख अपनाया है और पार्टी के नेताओं ने संसद में अन्य मुद्दों को उठाने की जरूरत पर जोर दिया है।
संसद चले ताकि लोगों के मुद्दों को उठाया जा सके
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राज्यसभा में नेता डेरेक ओ ब्रायन ने बुधवार को पार्टी की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा है कि, TMC चाहती है कि, संसद चले ताकि लोगों के मुद्दों को उठाया जा सके। गौतम अडानी मुद्दे को लेकर संसद में हो रहे व्यवधानों के कारण अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पा रही है। काकोलि घोष दस्तीदार ने कहा कि, TMC संसद के कामकाजी होने की चाहत रखती है। हम नहीं चाहते कि, कोई एक मुद्दा संसद को प्रभावित करे। उन्होंने आगे कहा कि, हमें इस सरकार की विफलताओं को जिम्मेदार ठहराना चाहिए।
TMC की रणनीति कांग्रेस से अलग हो सकती है
TMC पश्चिम बंगाल, मणिपुर, पूर्वोत्तर, खाद्य सामग्री की कमी, बेरोजगारी और अपराजिता (महिला सुरक्षा) बिल पर केंद्र की मोदी सरकार को घेरना चाहती है। तृणमूल कांग्रेस ने कहा है कि, उनका लक्ष्य भारतीय जनता पार्टी को चुनौती देने के लिए विपक्षी गठबंधन इंडिया में शामिल होना है, लेकिन इस रास्ते में उनकी रणनीति कांग्रेस से अलग हो सकती है।
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