उत्तर भारत एक बार फिर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव में आने वाला है, जिसके चलते पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदानी राज्यों तक मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग IMD ने 17 और 18 फरवरी 2026 के दौरान कई राज्यों में बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है।
उत्तर भारत में मौसम परिवर्तन का नया दौर
उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में अगले दो दिनों के भीतर मौसम में नाटकीय बदलाव की संभावना जताई गई है। ताजा पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में वर्षा के हालात बन रहे हैं। यह प्रणाली तेजी से हिमालयी क्षेत्रों पर असर डाल रही है, जिससे उत्तरी राज्यों का मौसम फिर ठंडा और नम महसूस हो सकता है।
पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी का अनुमान
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हिमालयी राज्यों में गतिविधि बढ़ गई है। जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में नए हिमपात के बाद ठंड बढ़ सकती है। पहाड़ी सड़कों पर फिसलन और दृश्यता में कमी की स्थिति बनना भी स्वाभाविक है।
मैदानी इलाकों में हल्की बारिश का पूर्वानुमान
पश्चिमी विक्षोभ का असर मैदानी राज्यों तक फैलते हुए दिखाई दे रहा है। राजस्थान के कई जिलों में 17 और 18 फरवरी को हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना व्यक्त की गई है। वहीं पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में भी बौछारें पड़ने का अनुमान है। इससे सुबह और शाम के तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है, जबकि दिन के समय हल्की ठंडक महसूस होगी।
तापमान में आएगा उतार-चढ़ाव
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में उत्तर भारत के तापमान में महत्वपूर्ण उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। न्यूनतम तापमान में 2–3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, किंतु उसके बाद यह फिर 2–3 डिग्री तक गिरने की आशंका है। इसी तरह अधिकतम तापमान में भी हल्की कमी संभव है, क्योंकि पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवाएं पूरे उत्तर-पश्चिम क्षेत्र को प्रभावित करेंगी। दिल्ली–NCR में दिन में गर्माहट के बावजूद शाम के बाद ठंडक बढ़ सकती है।
पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव और मौसम की चेतावनी
मौसम विभाग ने बताया है कि यह पश्चिमी विक्षोभ अपेक्षाकृत कमजोर है, किंतु इसके चलते मैदानी हिस्सों में तेज हवाएं और हल्की बारिश का दौर देखने को मिलेगा। इससे वायु में नमी बढ़ेगी और सुबह-शाम की ठंडक कायम रह सकती है। पहाड़ों में हिमपात के कारण यात्रा, पर्यटन और यातायात पर भी इसका प्रभाव पड़ना तय है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की ताजा स्थिति पर नजर रखें और आवश्यक सावधानी बरतें।
Comments (0)