ट्रेवल की योजना के लिए दिशा-निर्देश प्रकाशित किए
इस बारे में पोस्ट करते हुए शिक्षा मंत्री कुबेर डिंडोरी ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के नेतृत्व में राज्य के शासकीय/सहायता प्राप्त/निजी (Self-Reliance) प्राथमिक, सेकेंडरी एंड हायर सेकेंडरी स्कूलों के व्यक्तित्व, अवलोकन शक्ति का विकास किया जाए। इससे जिज्ञासा बढ़ेगी, विद्यार्थी आनंदपूर्वक शैक्षिक लक्ष्य प्राप्त करेंगे। इसके लिए सांस्कृतिक, धार्मिक, ऐतिहासिक और विकसित स्थानों की ट्रेवल की योजना के लिए दिशा-निर्देश प्रकाशित किए।जरूरी सूचना
ट्रैवल के लिए माता-पिता की परमिशन लेनी होगी।
ट्रैवल के लिए प्राचार्य की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जाए।
ट्रैवल के प्रकार के अनुसार 15 दिन पहले जानकारी देनी होगी।
ट्रैवल के दिन के हिसाब से ब्योरा देना होगा।
एक अनुभवी व्यक्ति कॉर्डिनेटर होगा।
किसी को ट्रैवल के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
15 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक लिखना होगा।
फर्स्ट एड किट साथ रखनी चाहिए।
जीपीएस ट्रैकिंग वाली गाड़ियों में ही सफर करना होगा।
फायर सेफ्टी इक्विपमेंट जरूर रखने चाहिए।
नाव की सवारी ऑप्शनल।
नाव की सवारी या ओवरबुकिंग से बचें।
ग्रुप के अनुसार एक शिक्षक और लाइफ जैकेट अनिवार्य है।
तैराकी जैसी खतरनाक प्रतियोगिता में भाग न लें।
नाइट स्टे के स्थान पर रात 10 बजे तक पहुंचें।
टूर पर जाते समय ये भी करना जरूरी
1. यात्रा की तारीख से 15 दिन पहले टूर के बारे में संबंधित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) और स्थानीय पुलिस स्टेशन को सूचित करें।
2. वित्तीय खातों को साफऔर पारदर्शी रखा जाना चाहिए और छात्रों और अभिभावकों को इसके बारे में जागरूक किया जाना चाहिए।
3. अगर सरकार के अन्य विभागों द्वारा इस संबंध में सहायक निर्देश या दिशानिर्देश जारी किए जाते हैं, तो उन्हें सख्ती से लागू करना होगा।
उपरोक्त नोटिफिकेशन सरकारी/सहायता प्राप्त/निजी प्राथमिक, मध्य और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों पर लागू होगी। सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन करना होगा। यह ‘संकल्प’ उसी संबंधित पत्रावली पर शासन की अनुमति दिनांक 23/10/2024 के क्रम में जारी किया गया है।
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