पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर गुरुवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पुनर्मतदान जारी है। दोपहर 1 बजे तक करीब 60.43 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं। चुनाव आयोग ने इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पहले से दोगुना कर दिया है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो सके।
सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लगी कतारें
फलता विधानसभा क्षेत्र में सुबह 7 बजे मतदान शुरू हुआ। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक सुबह 9 बजे तक 20.47 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ था, जबकि 11 बजे तक यह आंकड़ा 43 प्रतिशत तक पहुंच गया। दोपहर 1 बजे तक वोटिंग प्रतिशत 60.43 तक पहुंचने से चुनाव आयोग और राजनीतिक दलों में हलचल तेज हो गई है।
सुरक्षा के घेरे में हो रहा पुनर्मतदान
चुनाव आयोग ने पुनर्मतदान के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 35 कंपनियां तैनात की हैं। हर बूथ पर आठ जवानों की निगरानी रखी गई है। इसके अलावा 30 क्विक रिस्पॉन्स टीमें (QRT) भी बनाई गई हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। मतदान केंद्रों के भीतर और बाहर वेब कैमरों के जरिए लगातार निगरानी की जा रही है।
क्यों कराना पड़ा पुनर्मतदान?
दरअसल, 29 अप्रैल को हुए दूसरे चरण के मतदान के दौरान कई बूथों पर EVM से छेड़छाड़ और मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगे थे। जांच के दौरान कुछ बूथों पर EVM पर परफ्यूम जैसे पदार्थ और चिपकने वाली टेप मिलने की बात सामने आई थी। इसके बाद चुनाव आयोग ने जांच कर कम से कम 60 बूथों पर अनियमितताओं के संकेत मिलने पर पुनर्मतदान कराने का फैसला लिया।
चुनाव मैदान छोड़ चुके हैं TMC उम्मीदवार जहांगीर खान
पुनर्मतदान से ठीक 48 घंटे पहले तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनाव से हटने का एलान कर दिया था। हालांकि नाम वापसी की समय सीमा समाप्त होने की वजह से उनका नाम और चुनाव चिह्न EVM में बरकरार है। अब मुकाबले में BJP के देबांग्शु पांडा, CPI(M) के शंभू नाथ कुर्मी और कांग्रेस के अब्दुर रज्जाक मोल्ला मैदान में हैं।
BJP उम्मीदवार ने जताई जीत की उम्मीद
BJP उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने मतदान को लेकर कहा कि माहौल पूरी तरह शांतिपूर्ण और उत्सव जैसा है। उन्होंने दावा किया कि लोग बिना डर के वोट डाल रहे हैं और भाजपा बड़ी जीत दर्ज करेगी। वहीं कई मतदाताओं ने भी कहा कि इस बार वे पहले की तुलना में ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का बयान
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जहांगीर खान के चुनाव छोड़ने पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें समझ आ गया था कि उन्हें पोलिंग एजेंट तक नहीं मिलेंगे, इसलिए उन्होंने मैदान छोड़ दिया।