तेलंगाना में KCR की पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति अब मुसीबतों का सामना कर रही है। तेलंगाना के निर्माण के आंदोलन से लेकर दस साल तक सत्ता संभालने के बाद बीआरएस के दिग्गज नेताओं के साथ उसके मतदाताओं का पार्टी से मुंह भंग हो रहा है। पार्टी के कुछ नेता व कार्यकर्ता संसदीय चुनाव में केसीआर का साथ छोड़ कर जा रहे है।
17 दिन 17 लोकसभा सीट का संकल्प लेकर चल रहे
लोकसभा चुनाव में बीआरएस का सबसे बड़ा चेहरा के. चंद्रशेखर राव 17 दिन 17 लोकसभा सीट का संकल्प लेकर चल रहे है। हाल ही में केसीआर ने महबूबनगर से तूफानी चुनावी अभियान शुरू की। आपको बता दें महबूबनगर वह संसदीय क्षेत्र है जहां से केसीआर ने 2009 में सांसद रहते हुए आंध्र प्रदेश से अलग तेलंगाना राज्य की मांग के लिएआमरण अनशन की शुरूआत की। उनके अनशन के 11 दिन बाद ही केंद्र की यूपीए सरकार को झुकने के लिए मजबूर कर दिया था। करीब 6 महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव में बीआरएस को हार का सामना करना पड़ा था। विधानसभा चुनाव में बीआरएस को 10 फीसदी वोट का नुकसान हुआ,जबकि कांग्रेस दो फीसदी अधिक वोट हासिल कर सत्ता पर काबिज हो गई।
बीआरएस ने अपना 23 वां स्थापना दिवस मनाया
हाल ही में 27 अप्रैल को बीआरएस का स्थापना दिवस निकला। बीआरएस ने अपना 23 वां स्थापना दिवस मनाया। अब लोकसभा चुनाव में भी पार्टी के कई नेता पार्टी को छोड़कर जा रहे है। हाल ही में बीआरएस के चार मौजूदा सांसदों समेत कई विधायक और पूर्व विधायक पार्टी छोड़कर जा चुके हैं। आपको बता दें तेलंगाना में लोकसभा की कुल 17 लोकसभा सीटों में से सबसे ज्यादा 9 संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों में बीआरएस के ही सांसद है।लेकिन अब पार्टी के अस्तित्व पर सवाल उठने लगा है।
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