नई दिल्ली. फ्लाईदुबई के विमान को हाईजैक करने या क्रैश करने की कोशिश के मामले की जांच केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए को सौंप दी है। एनआईए ने एफआईआर में उड़ान के दौरान कॉकपिट में ओमान के को-पायलट द्वारा भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला करने की घटना का भी जिक्र किया है। यह मामला एंटी हाईजैकिंग ऐक्ट 2016 की धारा 3 और सख्त गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम 1967 यानी यूएपीए के तहत दर्ज किया गया है। केंद्र सरकार ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच मुख्य आतंकवादरोधी एजेंसी को सौंपी है।
उड़ान और हमले का विवरण
फ्लाईदुबई की फ्लाइट एफजेड1073 30 सितंबर को 174 यात्रियों और छह क्रू सदस्यों के साथ दुबई से रवाना हुई थी। जब यह हमला हुआ तब भारतीय नागरिक कैप्टन मच्छार और ओमान के फर्स्ट ऑफिसर विमान उड़ा रहे थे। एफआईआर में कहा गया है कि फर्स्ट ऑफिसर ने कैप्टन पर चाकू से हमला किया। यात्रियों के अनुसार यह विमान को हाईजैक करने या क्रैश कराने की कोशिश थी। हमले के दौरान मच्छार के सिर और हाथों पर गहरे घाव हुए। यात्रियों और क्रू सदस्यों ने को-पायलट पर काबू पा लिया और उसे रोक दिया।
सुरक्षित लैंडिंग और गिरफ्तारी
इसके बाद विमान में मौजूद अन्य पायलटों ने विमान का नियंत्रण संभाला और उसे उत्तर-पश्चिमी सऊदी अरब में प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज एयरपोर्ट पर सुबह 10.45 बजे सुरक्षित उतारा। इमरजेंसी लैंडिंग के बाद सऊदी अधिकारियों ने को-पायलट को गिरफ्तार कर लिया। भारतीय कैप्टन की सूझबूझ और क्रू सदस्यों के सहयोग से बड़ी दुर्घटना टल गई। सभी यात्री और क्रू सदस्य सुरक्षित रहे। घटना के बाद जांच प्रक्रिया शुरू की गई।
कानूनी धाराएं और सरकार का निर्देश
एफआईआर में कहा गया है कि केंद्र सरकार को इस कथित हमले के बारे में जानकारी मिली तो यह निष्कर्ष निकाला कि घटना में बताए गए अपराध एंटी-हाईजैकिंग एक्ट और यूएपीए के दायरे में आते हैं। एनआईए ऐक्ट की धारा 8 और धारा 6 की उपधाराओं 5 और 8 का इस्तेमाल करते हुए सरकार ने एनआईए को मामला दर्ज करने और जांच शुरू करने का निर्देश दिया। केंद्र सरकार ने कहा कि भारतीय पायलट पर हमला और साथ ही यात्री विमान को हाईजैक करने या क्रैश कराने की कोशिश के कारण भारत की मुख्य आतंकवादरोधी एजेंसी से जांच कराना जरूरी हो गया था।
जांच की गंभीरता और आगे की प्रक्रिया
इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा और विमानन सुरक्षा दोनों दृष्टियों से गंभीर माना जा रहा है। एनआईए जांच शुरू कर चुकी है और घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल करेगी। भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी से 174 यात्रियों की जान बचाई गई। सरकार ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई आवश्यक है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस घटना पर नजर रखी जा रही है।