नई दिल्ली: दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले Cockroach Janta Party (CJP) ने अपने आंदोलन की कमान राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे को सौंपने का ऐलान किया है। पार्टी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और प्रमुख आयोजकों सौरव दास तथा आशुतोष रांका को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विमान से उतरने के बाद दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। इसके बाद पार्टी ने शिंदे को आंदोलन का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी दी है।
हिरासत से पहले वीडियो संदेश जारी करने का दावा
CJP की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, संस्थापक अभिजीत दीपके ने शुक्रवार रात एक वीडियो संदेश रिकॉर्ड किया था, जिसे हिरासत में लिए जाने के बाद जारी किया गया। इस संदेश में उन्होंने कहा कि यदि वह, सौरव दास और आशुतोष रांका हिरासत में हैं, तब भी आंदोलन जारी रहना चाहिए। उन्होंने समर्थकों से अजिंक्य शिंदे के नेतृत्व में एकजुट रहने और जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन जारी रखने की अपील की। दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग को बिना किसी शर्त के आगे बढ़ाने की बात भी कही।
अजिंक्य शिंदे ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
आंदोलन की कमान संभालने के बाद अजिंक्य शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व वाली सरकार पर दमनकारी कार्रवाई करने का आरोप लगाया। पार्टी की ओर से जारी बयान में शिंदे ने कहा कि सरकार की कार्रवाई और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था से आंदोलन की ताकत का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि देशभर से लोगों का समर्थन मिलने के कारण सरकार दबाव में है।
शिंदे ने नागरिकों से जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्थान पर पुलिस या बैरिकेडिंग के कारण प्रदर्शनकारियों को रोका जाता है, तो वे वहीं शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराएं। उनके मुताबिक, लोकतंत्र की रक्षा और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन जारी रहेगा।
दिल्ली में भारी सुरक्षा व्यवस्था का दावा
CJP की प्रेस विज्ञप्ति में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सुरक्षा व्यवस्था लागू किए जाने का दावा किया गया है। विज्ञप्ति के अनुसार, दिल्ली में भारी संख्या में पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवान तैनात किए गए हैं। पार्टी ने यह भी दावा किया कि दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद किए गए, आने वाली ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया और मध्य दिल्ली के कुछ इलाकों में इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगाई गई। हालांकि, इन सभी व्यवस्थाओं और प्रतिबंधों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की जा सकती है।
एयरपोर्ट से कनॉट प्लेस तक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने का आरोप
पार्टी ने दावा किया है कि जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे सैकड़ों युवा कार्यकर्ताओं, समर्थकों और नागरिक समाज से जुड़े लोगों को हिरासत में लिया गया है। प्रेस विज्ञप्ति में कानूनी क्षेत्र से जुड़े प्रमुख व्यक्तियों और सामाजिक संगठनों के सदस्यों को भी हिरासत में लिए जाने की बात कही गई है।
CJP के अनुसार, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, कनॉट प्लेस और दिल्ली की सीमा पर स्थित जांच चौकियों से लोगों को हिरासत में लिया गया। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को छत्रसाल स्टेडियम और यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स सहित राजधानी के विभिन्न अस्थायी केंद्रों में ले जाया जा रहा है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
CJP की तीन प्रमुख मांगें क्या हैं?
CJP ने अपने आंदोलन के लिए तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित हेरफेर को लेकर आपराधिक कार्यवाही शुरू करने की है। पार्टी ने चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
दूसरी मांग वर्ष 2025 की मतदाता सूचियों को रोककर उनका व्यापक और स्वतंत्र ऑडिट कराने की है। पार्टी का कहना है कि चुनावी सूचियों की निष्पक्ष जांच के बाद ही उनकी विश्वसनीयता को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान हो सकता है।
तीसरी मांग मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित वर्ष 2023 के कानून को समाप्त करने की है। CJP का तर्क है कि इससे भारत निर्वाचन आयोग की संवैधानिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी
CJP ने दावा किया है कि उसके नेताओं, कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों की हिरासत के खिलाफ पार्टी का कानूनी प्रकोष्ठ तत्काल कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, दिल्ली में हुई कथित गैरकानूनी हिरासत और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार से जुड़े मामलों को हाई कोर्ट तथा सुप्रीम कोर्ट में उठाया जाएगा।
पार्टी ने कहा है कि हिरासत और सुरक्षा संबंधी कार्रवाई के बावजूद आंदोलन जारी रहेगा। CJP का कहना है कि वह अपनी मांगें पूरी होने तक विरोध प्रदर्शन जारी रखेगी। हालांकि, हिरासत की कानूनी स्थिति, पुलिस की कार्रवाई के आधार और पार्टी के दावों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष इस प्रेस विज्ञप्ति में शामिल नहीं है।