भारत यात्रा पर आए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मुंबई के ऐतिहासिक ताज पैलेस पहुँचकर 2008 के भीषण आतंकी हमले में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी। मेमोरियल पर पुष्पांजलि अर्पित करते समय उनका गंभीर और संवेदनशील भाव दोनों देशों के साझा दुख और एकजुटता का प्रतीक बन गया। मौन रखते हुए उन्होंने यह संदेश दिया कि आतंक का दर्द सीमाओं से परे है और इसके खिलाफ एकजुट लड़ाई ही इसका समाधान है।
आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट और कठोर रुख
श्रद्धांजलि के बाद अपने वक्तव्य में राष्ट्रपति मैक्रों ने साफ शब्दों में कहा कि आतंकवाद के खिलाफ उनका इरादा पक्का है और फ्रांस हमेशा भारत के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। यह बयान केवल शब्द नहीं, बल्कि दोनों देशों के वर्षों पुराने रणनीतिक संबंधों और साझा सुरक्षा चिंताओं की पुष्टि है। यह संदेश विश्व समुदाय के लिए भी महत्वपूर्ण है कि लोकतांत्रिक राष्ट्र आतंकवाद के विरुद्ध एकजुट हैं।
भारत-फ्रांस साझेदारी की नई ऊँचाइयाँ
दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा, विज्ञान और अंतरिक्ष सहित अनेक क्षेत्रों में लंबे समय से सहयोग जारी है। इस दौरे ने यह स्पष्ट कर दिया कि सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी प्रयास इस साझेदारी की नींव हैं। मैक्रों के बयान से यह भी संकेत मिलता है कि आने वाले समय में भारत और फ्रांस इस दिशा में और गहरा सहयोग कर सकते हैं।
सोशल मीडिया पर साझा किए संवेदनात्मक क्षण
राष्ट्रपति मैक्रों ने अपनी श्रद्धांजलि का एक वीडियो एक्स मंच पर साझा किया, जिसमें उन्हें मेमोरियल पर फूल चढ़ाते और मौन रखते देखा जा सकता है। इस वीडियो ने न सिर्फ भारत बल्कि दुनिया भर में उन लोगों के दिलों को छुआ जिन्होंने 26/11 की त्रासदी को याद किया। यह साझा स्मृति दोनों देशों के बीच भावनात्मक निकटता को भी दर्शाती है।
तीन दिवसीय भारत दौरे से बढ़ी उम्मीदें
फ्रांस के राष्ट्रपति तीन दिवसीय भारत दौरे पर हैं, जिसके दौरान वे अनेक उच्च स्तरीय मुलाकातें, कार्यक्रम और रणनीतिक वार्ताएँ करेंगे। यह यात्रा केवल राजनयिक नहीं, बल्कि सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और वैश्विक चुनौतियों पर सामूहिक दृष्टिकोण को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भारत को उम्मीद है कि यह दौरा द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती देगा।
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