नई दिल्ली: भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने सोमवार को डाबर इंडिया को अपने कई खाद्य उत्पादों की बिक्री तत्काल रोकने का आदेश दिया है। नियामक ने कंपनी द्वारा उत्पादों पर किए जा रहे "100 प्रतिशत" शुद्धता और गुणवत्ता से जुड़े दावों को अस्पष्ट, असत्यापित और उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाला करार दिया है।
इन प्रमुख खाद्य उत्पादों पर गिरी गाज
FSSAI के इस आदेश के तहत डाबर के शहद, एप्पल साइडर विनेगर, वर्जिन कोकोनट ऑयल, तिल का तेल, गाय का घी, नारियल पानी और नारियल दूध जैसे उत्पाद शामिल हैं। डाबर की वेबसाइट पर इन उत्पादों के लिए "100% नेचुरल", "100% प्योर", "100% ऑर्गेनिक" और "100% प्योरिटी गारंटेड" जैसे दावे लिखे गए थे।
जैविक भारत लोगो और नियमों के उल्लंघन का मामला
नियामक ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई उत्पाद के मिलावटी या असुरक्षित होने के कारण नहीं, बल्कि उनके लेबल और विज्ञापन के भ्रामक तरीकों के कारण की गई है। जांच में पाया गया कि 'डाबर हिमालयन ऑर्गेनिक एप्पल साइडर विनेगर' और 'डाबर ऑर्गेनिक हनी' पर बिना वैध FSSAI ऑर्गेनिक अप्रूवल के 'जैविक भारत' (Jaivik Bharat) लोगो प्रदर्शित किया जा रहा था।
15 दिनों के भीतर देनी होगी एक्शन टेकन रिपोर्ट
FSSAI ने बताया कि इससे पहले भी डाबर को इन भ्रामक दावों को हटाने का नोटिस दिया गया था, लेकिन कंपनी की ओर से कोई संतोषजनक कदम नहीं उठाया गया। अब नियामक ने चिन्हित उत्पादों की बिक्री तुरंत रोकने का निर्देश दिया है और डाबर से 15 दिनों के भीतर 'एक्शन टेकन रिपोर्ट' मांगी है।
डाबर इंडिया की ओर से आया स्पष्टीकरण
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए डाबर इंडिया ने कहा कि उन्हें FSSAI का नोटिस मिल गया है। कंपनी ने अपने बयान में कहा कि वह नोटिस में उल्लिखित कंटेंट और वेबसाइट पर मौजूद विवरण की समीक्षा कर रही है। उल्लेखनीय है कि FSSAI ने मई 2025 में ही सभी खाद्य कंपनियों को "100%" जैसे दावों का उपयोग करने से परहेज करने की चेतावनी दी थी।