लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास, बुनियादी ढांचे, कृषि, रोजगार और सामाजिक कल्याण से जुड़े 21 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी। सबसे बड़ा फैसला 74.467 किलोमीटर लंबे जेवर लिंक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण को लेकर हुआ, जो नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। इसके अलावा किसानों, स्टार्टअप्स, घुमंतू समुदायों और क्षेत्रीय विकास से जुड़े कई अहम निर्णय भी लिए गए।
जेवर एयरपोर्ट को मिलेगा हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे
कैबिनेट ने 74.467 किलोमीटर लंबे 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण को मंजूरी दी है। यह एक्सप्रेसवे जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। भविष्य में यातायात बढ़ने पर इसे 8 लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। इस परियोजना से दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एयरपोर्ट के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जिससे उद्योग, व्यापार और निवेश को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण का गठन
कैबिनेट ने प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण के गठन को भी मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य धार्मिक, पर्यटन और औद्योगिक विकास को एकीकृत रूप से बढ़ावा देना है। साथ ही प्रदेश के सात प्रमुख स्थानों पर मल्टीपर्पज हब विकसित किए जाएंगे। इसके लिए लोक निर्माण विभाग की अधिग्रहित भूमि आवास एवं शहरी नियोजन विभाग को नि:शुल्क हस्तांतरित की जाएगी।
लखनऊ और नोएडा में बनेंगे आधुनिक यू-हब
उत्तर प्रदेश को स्टार्टअप और इनोवेशन हब बनाने की दिशा में सरकार ने लखनऊ और नोएडा में अत्याधुनिक यू-हब (U-Hub) स्थापित करने का फैसला किया है। इन केंद्रों के माध्यम से स्टार्टअप, नवाचार और टेक्नोलॉजी आधारित उद्यमों को बेहतर सुविधाएं और सहयोग मिलेगा।
घुमंतू समुदायों के लिए बनेगा विकास बोर्ड
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश घुमंतू विकास बोर्ड के गठन को मंजूरी दी है। यह बोर्ड विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदायों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक विकास के लिए योजनाएं तैयार करेगा और उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगा।
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 में बदलाव
सरकार ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 के दिशा-निर्देशों में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके साथ ही योजना के लिए नया बजट भी स्वीकृत किया गया है ताकि पारंपरिक कारीगरों और छोटे उद्यमियों को अधिक लाभ मिल सके। इसके अलावा एचसीएल फाउंडेशन के साथ ग्राम्य विकास विभाग की समुदाय परियोजना का समझौता अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ा दिया गया है।
किसानों को मिलेगी फसल बीमा सुरक्षा
योगी कैबिनेट ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 में जारी रखने की मंजूरी दी है। इस फैसले के तहत खरीफ 2026 और रबी 2026-27 की फसलों को प्राकृतिक आपदाओं, अत्यधिक बारिश, सूखा और अन्य मौसम संबंधी नुकसान से बीमा सुरक्षा मिलेगी।
विकास और कल्याण पर सरकार का फोकस
सरकार का कहना है कि इन फैसलों का उद्देश्य प्रदेश में आधारभूत ढांचे को मजबूत करना, रोजगार के नए अवसर पैदा करना, किसानों को सुरक्षा देना और निवेश को बढ़ावा देना है। विशेष रूप से एक्सप्रेसवे, यू-हब और क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण जैसी परियोजनाएं आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकती हैं।