Udhayanidhi Stalin Controversy: अभिनेत्री तृषा कृष्णन को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में डीएमके नेता और तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। हिरासत के बाद उदयनिधि स्टालिन ने पहली बार पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने कोई गलत टिप्पणी नहीं की और अंतिम फैसला अदालत करेगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा उनका वीडियो एडिट किया गया है।
हिरासत के बाद क्या बोले उदयनिधि स्टालिन?
मीडिया से बातचीत में उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि उन्होंने किसी व्यक्ति का नाम लेकर कोई अभद्र टिप्पणी नहीं की। उन्होंने कहा- "क्या मैंने कुछ गलत कहा है? इसका फैसला अदालत करेगी। मैंने किसी का नाम नहीं लिया और न ही किसी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की। अगर मेरे खिलाफ कार्रवाई होती है तो मैं उसका सामना करने के लिए तैयार हूं। मुझे गिरफ्तारी का कोई डर नहीं है।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके भाषण के वीडियो को काट-छांटकर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया है और वह इस मामले में अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।
TVK महिला प्रकोष्ठ की शिकायत के बाद दर्ज हुआ मामला
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब सत्तारूढ़ TVK (तमिलगा वेत्री कड़गम) की महिला प्रकोष्ठ ने तंजावुर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उदयनिधि स्टालिन ने अभिनेत्री तृषा कृष्णन को लेकर सार्वजनिक मंच से डबल मीनिंग टिप्पणी की, जिससे महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंची। शिकायत के आधार पर पुलिस ने उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ विभिन्न कानूनी धाराओं में एफआईआर दर्ज की।
किन धाराओं में दर्ज हुआ केस?
पुलिस के अनुसार, उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ कुल 9 धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की 7 धाराएं
तमिलनाडु महिला उत्पीड़न निषेध अधिनियम की 1 धारा
सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की 1 धारा
मामले की जांच जारी है और पुलिस कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई कर रही है।
कावेरी जल विवाद की रैली से शुरू हुआ विवाद
सोमवार को कावेरी जल विवाद को लेकर आयोजित एक जनसभा के दौरान भाषण देते समय भीड़ के कुछ लोगों ने "तृषा... तृषा..." के नारे लगाने शुरू कर दिए। इसी दौरान उदयनिधि स्टालिन की एक टिप्पणी को अभिनेत्री तृषा कृष्णन से जोड़कर देखा गया और सोशल मीडिया पर उसका वीडियो तेजी से वायरल हो गया। हालांकि उदयनिधि स्टालिन ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि उनका इशारा अभिनेत्री की ओर नहीं बल्कि कावेरी नदी के पानी की ओर था और उनके बयान को गलत संदर्भ में पेश किया गया।
DMK ने बताया राजनीतिक बदले की कार्रवाई
डीएमके ने पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। पार्टी सांसद कनिमोझी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि यदि सरकार विपक्ष के नेता को राजनीतिक रूप से निशाना बनाना चाहती है तो मामला दर्ज कर सकती है, लेकिन अंतिम फैसला अदालत ही करेगी। वहीं उदयनिधि स्टालिन ने भी आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद से TVK सरकार लगातार डीएमके नेताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज कर रही है और राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश कर रही है।
DMK कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ कार्रवाई के विरोध में डीएमके कार्यकर्ताओं ने कई स्थानों पर प्रदर्शन किया। थेनी में पार्टी समर्थकों ने "झूठे मुकदमे वापस लो" और "TVK सरकार मुर्दाबाद" जैसे नारे लगाए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम के समर्थकों और कई डीएमके कार्यकर्ताओं को भी रोकने की कार्रवाई की गई।
अब आगे क्या होगा?
उदयनिधि स्टालिन ने साफ कर दिया है कि वह अदालत में अपना पक्ष रखेंगे और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। दूसरी ओर पुलिस मामले की जांच कर रही है और वायरल वीडियो के साथ-साथ भाषण के मूल रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। अब इस पूरे विवाद पर अदालत और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।