नई दिल्ली/कोलकाता: आम जनता के लिए शुक्रवार की सुबह महंगाई का झटका लेकर आई। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव संपन्न होते ही ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी की जो आशंका जताई जा रही थी, वह आखिरकार सच साबित हुई। देश भर में पेट्रोल और डीजल के दामों में 3 रुपये प्रति लीटर की एकमुश्त बढ़ोतरी कर दी गई है। नई दरें शुक्रवार सुबह 6 बजे से प्रभावी हो गई हैं।
महानगरों का हाल: कोलकाता में ₹108 के पार पहुंचा पेट्रोल
कीमतों में बढ़ोतरी के बाद पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में पेट्रोल की नई कीमत 108.74 रुपये प्रति लीटर हो गई है, वहीं डीजल 3 रुपये बढ़कर 95.13 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। केवल पेट्रोल-डीजल ही नहीं, बल्कि सीएनजी (CNG) के दामों में भी वृद्धि दर्ज की गई है। दिल्ली में सीएनजी 2 रुपये प्रति किलो महंगी हुई है, जबकि कोलकाता में इसकी कीमत में 3 रुपये प्रति किलो का इजाफा हुआ है।
वैश्विक संकट और चुनावी गणित
जानकारों का मानना है कि मध्य पूर्व में जारी तनाव, विशेषकर 28 फरवरी के बाद से ईरान और अमेरिका के बीच उपजे युद्ध जैसे हालात ने वैश्विक ईंधन संकट को जन्म दिया है। भारत अपनी ईंधन जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने भी संकेत दिए थे कि आयात मार्ग प्रभावित होने के कारण मूल्य वृद्धि का बोझ जनता पर पड़ना तय है। विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लिया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पहले ही भविष्यवाणी की थी कि चुनाव खत्म होते ही कीमतें बढ़ाई जाएंगी। गौरतलब है कि साल 2022 से पेट्रोल-डीजल की कीमतें काफी हद तक स्थिर थीं, लेकिन अब इस बढ़ोतरी से माल ढुलाई महंगी होगी, जिसका सीधा असर खाद्य पदार्थों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर पड़ेगा।