भारत इजरायल सेंटर द्वारा कराए गए एक अखिल भारतीय सर्वेक्षण में जेन-जेड की राय सामने आई है। 18 से 29 वर्ष आयु वर्ग के उत्तरदाताओं ने इजरायल को राजनयिक संबंधों में शीर्ष पांच राष्ट्रों में और रक्षा सहयोग में शीर्ष तीन में रखा है। यह रैंकिंग पारंपरिक सहयोगियों जैसे अमेरिका और फ्रांस से आगे है। सर्वेक्षण में युवा पीढ़ी के बीच जागरूकता में स्पष्ट बदलाव देखने को मिला है। 16 सितंबर को जारी इन निष्कर्षों में कहा गया है कि जेन-जेड अब भारत के समय-परीक्षित सहयोगियों को लेकर पुरानी धारणाओं से आगे बढ़ चुका है।
रक्षा सहयोग में इजरायल की मजबूत रैंकिंग
सर्वेक्षण के अनुसार 52 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने भारत-इजरायल रक्षा संबंधों को मजबूत माना है। इस आधार पर इजरायल को रूस और अन्य देशों के साथ तीसरे स्थान पर रखा गया है। फ्रांस थोड़ा पीछे 51 प्रतिशत के साथ है जबकि अमेरिका 46 प्रतिशत पर रहा। यह आंकड़ा दर्शाता है कि युवा पीढ़ी इजरायल के साथ रक्षा सहयोग को काफी महत्वपूर्ण मानती है। पिछले वर्ष की तुलना में इजरायल की रक्षा रेटिंग में पांच प्रतिशत अंकों की वृद्धि दर्ज की गई है जो धारणा में सकारात्मक बदलाव का संकेत देता है।
राजनयिक संबंधों में भी इजरायल आगे
राजनयिक साझेदारी के मामले में भी इजरायल युवाओं की नजर में आगे रहा। 41 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने इजरायल को भारत के प्रमुख राजनयिक साझेदारों में शामिल किया। अमेरिका इस मामले में 39 प्रतिशत के साथ थोड़ा पीछे रहा। सर्वेक्षण में अन्य शीर्ष देशों का उल्लेख नहीं किया गया लेकिन इजरायल का यह स्थान युवा पीढ़ी की बदलती प्राथमिकताओं को रेखांकित करता है। राजनयिक और रक्षा दोनों क्षेत्रों में इजरायल की मजबूत उपस्थिति जेन-जेड की सोच में गहराई से बस चुकी है।
सांस्कृतिक नैरेटिव और पॉडकास्ट का प्रभाव
हाल के सांस्कृतिक नैरेटिव, पॉप कल्चर और पॉडकास्ट ने इजरायल की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करना शुरू कर दिया है। इन माध्यमों के जरिए युवाओं को पता चला है कि इजरायल ने भारतीय सशस्त्र बलों को आपातकालीन लेजर-गाइडेड आयुध और निगरानी समर्थन उपलब्ध कराया था। इस जानकारी ने समय-परीक्षित सहयोगियों को लेकर युवा धारणाओं को तेजी से बदल दिया है। पहले जेन-जेड की बड़ी संख्या 1999 के कारगिल संघर्ष के बाद पैदा हुई थी इसलिए उनकी ऐतिहासिक धारणा मुख्य रूप से रूस और अमेरिका जैसे देशों से जुड़ी हुई थी। अब नई जानकारियां इस अंतर को पाट रही हैं।
रक्षा और तकनीकी नवाचार मुख्य चालक
रक्षा और तकनीकी नवाचार युवा भारतीयों की द्विपक्षीय संबंधों संबंधी धारणा के मुख्य चालक बनकर उभरे हैं। इजरायल इन दोनों क्षेत्रों में मजबूत छवि बना चुका है। सर्वेक्षण में कहा गया है कि ये तत्व भारत-इजरायल संबंधों को युवा पीढ़ी की नजर में और आकर्षक बना रहे हैं। आपातकालीन सैन्य समर्थन और तकनीकी सहयोग की कहानियां पॉडकास्ट और सांस्कृतिक चर्चाओं के माध्यम से फैल रही हैं। इससे जेन-जेड के बीच इजरायल की छवि एक विश्वसनीय और व्यावहारिक साझेदार के रूप में मजबूत हो रही है। यह बदलाव भारत की विदेश नीति और युवा जनमत दोनों के लिए महत्वपूर्ण संकेत देता है।