नई दिल्ली: दिल्ली के भारत मंडपम में गुरुवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में GST काउंसिल की अहम बैठक हुई। बैठक में टैक्सपेयर्स के लिए नियमों को आसान बनाने और कानूनी विवाद कम करने से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर चर्चा और मंजूरी दी गई। दिए गए विवरण के मुताबिक, GST के तहत अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्ति को खत्म करने और मुकदमा चलाने की सीमा को 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करने का फैसला लिया गया है।
GST अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्ति खत्म करने का फैसला
बैठक में GST से जुड़े मामलों में अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्ति को हटाने का फैसला लिया गया है। इसका उद्देश्य टैक्स से जुड़े विवादों में कारोबारियों और टैक्सपेयर्स पर आपराधिक कार्रवाई का दबाव कम करना और अनुपालन व्यवस्था को आसान बनाना बताया गया है।
GST व्यवस्था में गिरफ्तारी से जुड़े प्रावधान पहले भी काउंसिल की चर्चाओं का विषय रहे हैं। पुराने GST Council रिकॉर्ड में गिरफ्तारी को गंभीर कर चोरी के मामलों तक सीमित रखने और कुछ मामलों में 5 करोड़ रुपये तक की चोरी पर गिरफ्तारी को जमानती रखने जैसे प्रावधानों पर चर्चा दर्ज है।
मुकदमा चलाने की सीमा 1 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़
काउंसिल ने GST अपराधों में अभियोजन यानी मुकदमा चलाने की सीमा बढ़ाने का भी फैसला किया है। अब यह सीमा 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये किए जाने की बात कही गई है।इस बदलाव का मकसद छोटे और कम गंभीर टैक्स विवादों को आपराधिक कार्रवाई से अलग रखना और गंभीर मामलों पर ही अभियोजन की कार्रवाई केंद्रित करना है।
न्यूनतम सजा का प्रावधान भी हटाया
बैठक में अपराधों के लिए न्यूनतम सजा के प्रावधान को हटाने का फैसला भी बताया गया है। इसके बाद किसी मामले में जुर्माना, जेल या दोनों में से क्या सजा दी जाए, यह संबंधित न्यायिक प्रक्रिया के तहत तय किया जाएगा।इससे अलग-अलग मामलों की परिस्थितियों के आधार पर सजा तय करने में अधिक गुंजाइश मिलने की उम्मीद है।
सामान्य जुर्माना 25 हजार से घटकर 10 हजार
GST काउंसिल ने सामान्य जुर्माने को भी कम करने का फैसला किया है। जिन मामलों में किसी अपराध के लिए अलग से जुर्माने की राशि निर्धारित नहीं है, वहां पहले 25 हजार रुपये तक का सामान्य जुर्माना लगाया जाता था। अब इसे घटाकर 10 हजार रुपये करने की बात कही गई है।
देर से रिटर्न भरने और टैक्स भुगतान पर ब्याज-पेनल्टी
बैठक में देर से रिटर्न दाखिल करने, टैक्स भुगतान में देरी करने या गलतियां करने वाले टैक्सपेयर्स के लिए रिकवरी व्यवस्था पर भी फैसला लिया गया। ऐसे मामलों में ब्याज और अनुपातिक पेनल्टी लगाई जाएगी।
छोटे टैक्सपेयर्स को राहत देने पर जोर
GST काउंसिल की बैठक में छोटे टैक्सपेयर्स से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। सरकार का जोर GST अनुपालन को आसान बनाने और छोटे कारोबारियों को अनावश्यक कानूनी कार्रवाई से राहत देने पर बताया गया है।इसके अलावा कर्मचारियों के इंश्योरेंस समेत कई अन्य मुद्दों पर भी बैठक में फैसले लिए गए।