नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस और INDIA ब्लॉक का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्ष ने चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग की है। दिल्ली में पिछले दो दिनों के दौरान प्रदर्शन, हिरासत और FIR के बाद अब कांग्रेस ने आंदोलन को देशभर में ले जाने का ऐलान किया है। पार्टी आज 8 अक्टूबर को राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन करेगी। वहीं, 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर युवाओं के नेतृत्व में एक और प्रदर्शन की तैयारी है। विपक्ष का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों का जवाब मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।
आज देशभर में कांग्रेस का प्रदर्शन
कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 8 अक्टूबर को देशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया है। पार्टी की ओर से राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। कांग्रेस का आरोप है कि SIR और मतदाता सूची से जुड़े कई सवालों का अभी तक संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।पार्टी नेताओं का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। दिल्ली में विपक्षी नेताओं के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर भी कांग्रेस ने नाराजगी जताई है। पार्टी का कहना है कि पुलिस कार्रवाई और FIR से उसका आंदोलन कमजोर नहीं होगा। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि जब तक उसकी मांगों पर सुनवाई नहीं होती, तब तक अभियान जारी रहेगा। इस प्रदर्शन के जरिए पार्टी देशभर में चुनावी मुद्दों को लेकर दबाव बढ़ाने की कोशिश करेगी।
जंतर-मंतर पर बढ़ा टकराव
बुधवार को दिल्ली के जंतर-मंतर के आसपास विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी और कई जगह बैरिकेडिंग की गई। INDIA ब्लॉक के सांसद आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ। राहुल गांधी ने बैरिकेड लगाए गए गेट को खोलने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने की कार्रवाई की। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया। विपक्ष ने इसे लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने के अधिकार में हस्तक्षेप बताया।वहीं, पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए गए।
प्रियंका गांधी ने लगाया बल प्रयोग का आरोप
प्रदर्शन के दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा ने पुलिस पर बल प्रयोग करने का आरोप लगाया। उनका दावा है कि महिला पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों के साथ धक्का-मुक्की की।प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि कुछ प्रदर्शनकारियों को जमीन पर गिराया गया।विपक्षी नेताओं का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने के लिए प्रदर्शन कर रहे थे। उनके मुताबिक, चुनाव आयोग से जवाब मांगना लोकतांत्रिक अधिकार है। विपक्ष ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाते हुए जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। दूसरी ओर, पुलिस ने प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए अपनी कार्रवाई को जरूरी बताया है। इस घटना के बाद कांग्रेस और विपक्ष ने आंदोलन को और तेज करने के संकेत दिए हैं।
आकाशवाणी भवन मामले में FIR
इससे पहले 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों ने संसद भवन से निर्वाचन सदन की ओर मार्च करने की कोशिश की थी। दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस मार्च के लिए आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी। प्रदर्शनकारियों को रोके जाने के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कुछ अन्य नेता आकाशवाणी भवन परिसर पहुंच गए।विपक्षी नेता वहीं धरने पर बैठ गए और चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात की मांग करने लगे। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों से परिसर खाली करने को कहा गया था। इसके बावजूद प्रदर्शन जारी रहने पर पुलिस ने कार्रवाई की। करीब 260 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें 10 सांसद भी शामिल थे। बाद में आकाशवाणी भवन परिसर में कथित रूप से बिना अनुमति प्रवेश के मामले में FIR दर्ज की गई।
FIR के बाद भी पीछे हटने को तैयार नहीं विपक्ष
FIR दर्ज होने के बावजूद विपक्ष ने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है। राहुल गांधी ने कहा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर संघर्ष जारी रहेगा। उनका कहना है कि जरूरत पड़ने पर विपक्ष दोबारा सड़कों पर उतरेगा। कांग्रेस नेताओं ने भी संकेत दिया है कि पुलिस कार्रवाई और कानूनी मामलों से आंदोलन की रणनीति नहीं बदलेगी। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने आंदोलन को लेकर पार्टी का रुख स्पष्ट किया है।विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर जवाब जरूरी है। पार्टी नेताओं के मुताबिक, यह मुद्दा केवल संसद तक सीमित नहीं रहेगा। अब देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन के जरिए सरकार और चुनाव आयोग पर दबाव बनाने की तैयारी है।
10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर युवाओं का प्रदर्शन
विवाद के बीच 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर युवाओं के नेतृत्व में प्रदर्शन की तैयारी भी की जा रही है। CJP ने इस प्रदर्शन का ऐलान किया है और इसे युवाओं की आवाज के तौर पर पेश किया है। संगठन के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास के मुताबिक, दिल्ली पुलिस को कार्यक्रम की औपचारिक सूचना दी जा चुकी है। प्रदर्शन में मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की बात कही गई है। इसके अलावा कथित वोट चोरी और युवाओं के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं होने जैसे मुद्दे भी उठाए जाएंगे।संगठन ने देशभर के युवाओं से दिल्ली पहुंचने की अपील की है। CJP का दावा है कि यह केवल संगठन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं का व्यापक विरोध होगा। अब नजर 10 अक्टूबर के इस प्रदर्शन और उस पर प्रशासन की प्रतिक्रिया पर रहेगी।