मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 13 सितंबर को देश के 25 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। उत्तर राजस्थान से लेकर बंगाल की खाड़ी तक बने कम दबाव के क्षेत्र और चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से मानसून फिर सक्रिय हो गया है। इसके चलते मैदानी क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश, जबकि पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।
पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल सकता है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और जम्मू-कश्मीर समेत 25 से अधिक राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश में 17 सितंबर तक बारिश का दौर
उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में 13 और 14 सितंबर को रुक-रुककर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर तेज बौछारों के साथ आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर सावधानी बरतने की सलाह दी है।
प्रदेश में 15 से 17 सितंबर के बीच पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। इस दौरान 19 जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। लगातार बारिश से निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।
बिहार में 8 नदियां खतरे के निशान से ऊपर
बिहार में 13 सितंबर को भी बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने का अनुमान है। कई इलाकों में बिजली चमकने के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार कुछ स्थानों पर हवाओं की गति 30 से 40 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे मौसम के दौरान अतिरिक्त सतर्कता जरूरी होगी।
राज्य में बारिश के साथ बाढ़ का खतरा भी बना हुआ है। बिहार की 8 नदियां फिलहाल खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। ऐसे में लगातार बारिश होने पर नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। प्रशासन और स्थानीय स्तर पर हालात पर नजर बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।
दिल्ली-एनसीआर में बादल और बारिश से मिलेगी राहत
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में 13 सितंबर को आसमान में बादल छाए रहने और सुबह से दोपहर के बीच हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही 30 से 35 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम में इस बदलाव से उमस और गर्मी से लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
मौसम विभाग के अनुसार 13 और 14 सितंबर को दिल्ली-एनसीआर के कुछ हिस्सों में भारी बारिश भी दर्ज की जा सकती है। बारिश के कारण तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री कम रह सकता है। हालांकि तेज बारिश की स्थिति में सड़कों पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने की समस्या भी सामने आ सकती है।
मध्य प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी
मध्य प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के साथ विदर्भ में भी बारिश का प्रभाव देखने को मिल सकता है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 13 सितंबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं पूर्वी हिस्सों में गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
बारिश के साथ कुछ इलाकों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं। लगातार बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित होने की आशंका बनी रहेगी। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और लोगों को मौसम में अचानक बदलाव के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है।
राजस्थान से जम्मू-कश्मीर तक बढ़ी मौसम की हलचल
राजस्थान, हरियाणा और पंजाब समेत उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में भी मानसून की सक्रियता का असर देखने को मिल सकता है। कम दबाव के क्षेत्र और चक्रवाती परिसंचरण के कारण वातावरण में नमी बढ़ने से बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
जम्मू-कश्मीर समेत पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के साथ भूस्खलन और अचानक रास्ते बाधित होने का जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे में संवेदनशील पहाड़ी मार्गों पर आवाजाही करने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने की जरूरत है। प्रशासन की ओर से जारी स्थानीय चेतावनियों का पालन करना भी जरूरी होगा।
पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में भी बारिश का असर
मानसून की सक्रियता का असर केवल उत्तर भारत तक सीमित नहीं रहने वाला है। पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। बंगाल की खाड़ी से जुड़े मौसम तंत्र के कारण आने वाले दिनों में कई क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है।
मौसम के इस व्यापक बदलाव से देश के बड़े हिस्से में तापमान और वर्षा का संतुलन प्रभावित हो सकता है। फिलहाल 13 से 17 सितंबर के बीच अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश का अलग-अलग प्रभाव देखने को मिलेगा। ऐसे में स्थानीय पूर्वानुमान और प्रशासनिक अलर्ट पर नजर रखना लोगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण होगा।
कई राज्यों में सतर्कता जरूरी
देश के 25 से ज्यादा राज्यों में बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी के बीच अगले कुछ दिन मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। एक ओर बारिश से गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर तेज बारिश, बिजली गिरने, जलभराव और भूस्खलन जैसी परिस्थितियां परेशानी बढ़ा सकती हैं।
खासकर नदी किनारे, निचले इलाकों और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक मानसून की सक्रियता अभी बनी हुई है, इसलिए 13 से 17 सितंबर के बीच कई राज्यों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल सकता है।