हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के डॉ. तरुण शर्मा और राजकीय महाविद्यालय, धनेटा के प्राचार्य डॉ. ज्ञान चंद राणा को वर्ष 2026 की स्टैनफोर्ड–एल्सेवियर रैंकिंग में विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों में स्थान मिला है। पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दोनों वैज्ञानिकों की इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए उन्हें बधाई दी।
Stanford–Elsevier की वैश्विक रैंकिंग में मिली जगह
पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि दोनों वैज्ञानिकों को मिली यह उपलब्धि उनके-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट शोध और वैज्ञानिक योगदान को दर्शाती है। स्टैनफोर्ड–एल्सेवियर की प्रतिष्ठित रैंकिंग वैज्ञानिक अनुसंधान और शोध-पत्रों के उद्धरणों के प्रभाव जैसे मानकों पर आधारित है।उन्होंने कहा कि दोनों वैज्ञानिकों का शोध भारत की बढ़ती वैज्ञानिक उत्कृष्टता और वैश्विक शोध जगत में देश की मजबूत होती पहचान को प्रदर्शित करता है।
डॉ. तरुण शर्मा का सिलिकॉन फोटोनिक्स और AI पर शोध
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के डॉ. तरुण शर्मा सिलिकॉन फोटोनिक्स, नैनोफोटोनिक्स और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित फोटोनिक्स के क्षेत्र में शोध कार्य कर रहे हैं। इन आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में उनका योगदान वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
डॉ. ज्ञान चंद राणा का द्रव गतिकी और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में योगदान
राजकीय महाविद्यालय, धनेटा के प्राचार्य डॉ. ज्ञान चंद राणा को द्रव गतिकी (Fluid Dynamics) और मैकेनिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उनके शोध के लिए वैश्विक स्तर पर पहचान मिली है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि डॉ. राणा हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में स्थित उनके विधानसभा क्षेत्र नादौन से संबंध रखते हैं। उन्होंने इस उपलब्धि को क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि इससे स्थानीय युवाओं, विद्यार्थियों और भावी वैज्ञानिकों को प्रेरणा मिलेगी।
पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने दी बधाई
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने दोनों वैज्ञानिकों को हिमाचल प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाने के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों का शोध और कार्य भविष्य में भी ज्ञान, नवाचार तथा वैज्ञानिक प्रगति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।
युवा शोधकर्ताओं के लिए प्रेरणा
वैश्विक वैज्ञानिक रैंकिंग में स्थान मिलना शोधकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। डॉ. तरुण शर्मा और डॉ. ज्ञान चंद राणा की सफलता से हिमाचल प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों और शोध क्षेत्र को नई पहचान मिली है। उनकी उपलब्धि विद्यार्थियों और युवा शोधकर्ताओं को विज्ञान, तकनीक तथा नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर सकती है।